White House Firing: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी से शनिवार शाम एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई, जब व्हाइट हाउस के बाहर अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही सेकंड में कई राउंड फायरिंग हुई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं. घटना व्हाइट हाउस परिसर के बाहर पेनसिल्वेनिया एवेन्यू और 17वीं स्ट्रीट नॉर्थवेस्ट के पास हुई, जहां भारी संख्या में सीक्रेट सर्विस एजेंट और पुलिस बल तैनात कर दिया गया.
रिपोर्ट्स के अनुसार, सीक्रेट सर्विस और संदिग्ध हमलावर के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो लोगों को गोली लगी. बताया जा रहा है कि एक संदिग्ध हमलावर था, जबकि दूसरा आम नागरिक हो सकता है. हालांकि अधिकारियों ने अभी तक घायल लोगों की आधिकारिक पहचान जारी नहीं की है. घटना के बाद पूरे व्हाइट हाउस परिसर को तत्काल लॉकडाउन कर दिया गया और आसपास की सड़कों पर आवाजाही रोक दी गई.
घटना के वक्त व्हाइट हाउस में मौजूद थे डोनाल्ड ट्रंप
फायरिंग के समय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस रेजिडेंस के अंदर मौजूद थे. इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत हाई अलर्ट जारी कर दिया. भारी हथियारों से लैस सीक्रेट सर्विस एजेंट व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन की तरफ दौड़ते दिखाई दिए. परिसर के अंदर मौजूद लोगों को तुरंत नीचे झुकने और सुरक्षित स्थान लेने के निर्देश दिए गए.
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— Clash Report (@clashreport) May 23, 2026
व्हाइट हाउस के बाहर मौजूद पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को तेजी से प्रेस ब्रीफिंग रूम में पहुंचाया गया. कई लोगों ने बताया कि लगातार गोलियों की आवाज सुनाई दे रही थी, जिससे कुछ समय के लिए अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई थी. स्थानीय समय के अनुसार करीब शाम 6:45 बजे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया और लॉकडाउन धीरे-धीरे हटाया गया.
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सीक्रेट सर्विस की कार्रवाई में हमलावर ढेर
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, सीक्रेट सर्विस की यूनिफॉर्म डिवीजन को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति हथियार के साथ इलाके में घूम रहा है और गोलीबारी कर रहा है. सूचना मिलते ही एजेंट मौके पर पहुंचे, जहां संदिग्ध के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक जवाबी कार्रवाई में हमलावर को मार गिराया गया.
हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाकर किया गया था या नहीं. जांच एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं यह किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा तो नहीं था.
FBI ने शुरू की जांच, काश पटेल का बयान
घटना के बाद FBI भी जांच में जुट गई है. FBI डायरेक्टर काश पटेल ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि एजेंसी की टीम मौके पर मौजूद है और सीक्रेट सर्विस के साथ मिलकर जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, जनता को अपडेट दिया जाएगा.
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं. इसके अलावा हमलावर की पहचान, उसके मकसद और किसी संभावित संगठन से संबंधों की भी जांच की जा रही है.
एक महीने पहले भी हुआ था सुरक्षा में बड़ा खतरा
यह घटना ऐसे समय हुई है जब करीब एक महीने पहले भी व्हाइट हाउस के पास सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा था. उस दौरान व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान एक संदिग्ध शॉटगन लेकर सिक्योरिटी चेकपॉइंट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था. बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था और उस पर राष्ट्रपति की हत्या की साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया.
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने व्हाइट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. अमेरिका की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली इमारत के बाहर बार-बार होने वाली फायरिंग घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं.
व्हाइट हाउस पर पहले भी हो चुके हैं कई हमले
व्हाइट हाउस के इतिहास में इससे पहले भी कई बार हमले और गोलीबारी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
24 अगस्त 1814
व्हाइट हाउस पर सबसे बड़ा हमला 1812 के युद्ध के दौरान हुआ था, जब ब्रिटिश सेना ने इमारत पर कब्जा कर आग लगा दी थी. उस समय राष्ट्रपति जेम्स मैडिसन पहले ही वहां से निकल चुके थे. आग में व्हाइट हाउस का बड़ा हिस्सा जलकर तबाह हो गया था, जिसे बाद में दोबारा बनाया गया.
29 अक्टूबर 1994
फ्रांसिस्को मार्टिन ड्यूरन नाम के शख्स ने व्हाइट हाउस के बाहर से सेमी-ऑटोमैटिक रायफल से करीब 29 गोलियां चलाई थीं. माना गया था कि उसका निशाना तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन थे. हालांकि घटना में कोई घायल नहीं हुआ और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया.
8 फरवरी 2001
रॉबर्ट डब्ल्यू. पिकेट नाम के व्यक्ति ने व्हाइट हाउस की सुरक्षा फेंस के बाहर से गोलीबारी की थी. जवाबी कार्रवाई में सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने उसे गोली मारकर काबू किया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया.
11 नवंबर 2011
ऑस्कर ओर्टेगा-हर्नांडेज नाम के हमलावर ने दूर से व्हाइट हाउस पर कई राउंड फायरिंग की थी. उसकी गोलियां व्हाइट हाउस की दूसरी मंजिल तक जा पहुंची थीं, जिसमें ट्रूमैन बालकनी का हिस्सा भी शामिल था. उस समय राष्ट्रपति बराक ओबामा वहां मौजूद नहीं थे. बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत ने 25 साल की सजा सुनाई थी.