'कौन सा जहर दें?' AI से पूछकर पिता को मारने का प्लान बना रहा था युवक, पुलिस ने ऐसे खोला राज

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने पढ़ाई, रिसर्च और रोजमर्रा के कई कामों को आसान बना दिया है. लेकिन इसका गलत इस्तेमाल भी चिंता का कारण बन रहा है.

Which poison should I use Pakistan boy used ai chatbot to kill his father
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने पढ़ाई, रिसर्च और रोजमर्रा के कई कामों को आसान बना दिया है. लेकिन इसका गलत इस्तेमाल भी चिंता का कारण बन रहा है. पाकिस्तान के बहावलपुर से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक 17 साल के लड़के पर आरोप है कि उसने AI चैटबॉट से जहरीले पदार्थों के बारे में जानकारी लेकर अपने पिता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की.

पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) ने किशोर के खिलाफ मामला दर्ज किया है. अधिकारियों के मुताबिक, वह अपने पिता को जहर देने की जानकारी AI चैट से ले रहा था. उसने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाने में मिलाकर पिता को देने की कोशिश भी की, लेकिन उसकी योजना कामयाब नहीं हुई.

जहरीले पदार्थ की ले रहा था जानकारी

FIR के मुताबिक, 22 सितंबर को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने FBI से मिली जानकारी NCCIA के साथ साझा की थी. इसमें एक ऐसे AI यूजर का जिक्र था, जो खतरनाक जहरीले पदार्थों और उनके असर से जुड़ी जानकारी जुटा रहा था. जांच में सामने आए डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर अधिकारियों को शक हुआ कि यह जानकारी उसके पिता को नुकसान पहुंचाने के लिए जुटाई जा रही थी.

जांच एजेंसी के अनुसार, किशोर ने पहले अपने पिता के खाने में एक जहरीला पदार्थ मिलाने की कोशिश की थी. हालांकि, उसके पिता को कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ. इसके बाद उसने दूसरे जहरीले पदार्थ से जुड़ी जानकारी भी AI से हासिल करने की कोशिश की.

एक्सपेरिमेंट को लेकर भी पूछे सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक, किशोर ने AI से जहरीले पदार्थों के शरीर पर असर और उनसे जुड़े कई सवाल पूछे थे. उसने केमिकल एक्सपेरिमेंट से जुड़ी जानकारी भी हासिल करने की कोशिश की. NCCIA के निदेशक हुसाम बिन इकबाल ने बताया कि किशोर ने शुरुआत में Google Gemini का इस्तेमाल किया और बाद में Anthropic के Claude और X के Grok जैसे AI चैटबॉट्स से भी सवाल किए.

अधिकारियों के मुताबिक, उसकी चैट हिस्ट्री में ऐसे सवाल मिले, जिनसे उसके इरादों को लेकर जांच एजेंसी को शक हुआ. इसके बाद डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर उसकी पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की गई.

घर में बना रखी थी लैब

FBI ने जांच के दौरान संबंधित ईमेल अकाउंट और कई IP एड्रेस की जानकारी पाकिस्तानी अधिकारियों को दी. इसके बाद NCCIA की जांच 17 साल के एक किशोर तक पहुंची, जो बहावलपुर में रहता था.

बताया जा रहा है कि उसके माता-पिता को बेटे की इस गतिविधि के बारे में जानकारी नहीं थी. हालांकि, वे जानते थे कि उसे केमिस्ट्री में दिलचस्पी है. किशोर ने घर में एक छोटी लैब भी बना रखी थी, जहां वह अलग-अलग प्रयोग करता था.

'ब्रेकिंग बैड' से था इंस्पायर

जांच के दौरान अधिकारियों को यह भी पता चला कि किशोर अमेरिकी टीवी सीरीज 'ब्रेकिंग बैड' से प्रभावित था. अदालत से वारंट मिलने के बाद उसके घर की तलाशी ली गई. इस दौरान एक iPhone 15 Pro Max और कई केमिकल्स बरामद किए गए.

FIR में कई रासायनिक पदार्थों का जिक्र किया गया है. फिलहाल 17 वर्षीय आरोपी के खिलाफ पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक क्राइम्स एक्ट (PECA) 2016 की धारा 15 और पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 324 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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