Netanyahu UN Speech: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण दिया. जैसे ही वह मंच पर पहुंचे, कई देशों के प्रतिनिधि विरोध जताते हुए हॉल से बाहर निकलने लगे. कुछ जगहों से हूटिंग की आवाज भी सुनाई दी. इसके जवाब में नेतन्याहू ने बाहर जा रहे प्रतिनिधियों पर तीखा तंज कसा और उन्हें 'मोरल कायर' कहा.
नेतन्याहू के भाषण के दौरान हॉल में विरोध के साथ उनके समर्थकों की आवाज भी सुनाई दी. इजरायली प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने तालियां बजाईं और 'अम यिसराइल चाई' यानी 'इजराइल की जनता जिंदा है' के नारे लगाए. संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को कई बार व्यवस्था बनाए रखने की अपील करनी पड़ी.
नेतन्याहू ने अपने संबोधन में गाजा युद्ध, ईरान के खिलाफ इजराइली कार्रवाई और लेबनान में हिजबुल्लाह का मुद्दा उठाया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की और न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के साथ कतर, तुर्की और यूरोप के कुछ नेताओं पर भी निशाना साधा.
गाजा में इजराइली कार्रवाई का बचाव
नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 के हमले का जिक्र करते हुए गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया. उन्होंने कहा कि हमास के हमले में इजराइलियों के साथ जो हुआ, वह बेहद भयावह था. उनके मुताबिक, हमले के बाद इजराइल ने मजबूती से जवाब दिया.
गाजा में इजराइल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को भी नेतन्याहू ने खारिज किया. उन्होंने इन आरोपों को 'सदी का सबसे बड़ा झूठ' बताया. नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि उनके अनुसार उसने उस नरसंहार को रोका, जो हमास करना चाहता था.
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करना बहुत मुश्किल था, लेकिन प्रधानमंत्री के तौर पर यह उनके लिए सबसे आसान फैसलों में से एक था. उन्होंने दावा किया कि अगर इजराइल ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई नहीं की होती तो इजराइल के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता था.
कतर और तुर्की पर भी निशाना
नेतन्याहू ने अपने भाषण में कतर और तुर्की को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कतर पर इजराइल और अमेरिका के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगाया. उनका दावा था कि कतर ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों और अल जजीरा पर बड़ी रकम खर्च की है, जिसका इस्तेमाल युवाओं की सोच को प्रभावित करने के लिए किया गया.
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन पर भी नेतन्याहू ने गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने एर्दोगन को तानाशाह बताया और कहा कि तुर्की यहूदी विरोधी बातें फैलाने का बड़ा माध्यम बन गया है. नेतन्याहू ने तुर्की पर कुर्द लोगों के खिलाफ कार्रवाई और उत्तरी साइप्रस पर कब्जे समेत कई आरोप भी लगाए.
पश्चिमी देशों पर भी बरसे नेतन्याहू
इजराइली प्रधानमंत्री ने यूरोप के कई देशों पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी यूरोप के नेता इजराइल के खिलाफ यहूदी विरोधी भीड़ के दबाव में आ रहे हैं. नेतन्याहू ने कहा कि यूरोपीय देशों के सामने लोकतांत्रिक देशों के साथ खड़े होने या मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ जाने का विकल्प है.
उन्होंने इजराइल पर लगाए जाने वाले उपनिवेशवाद के आरोपों को भी खारिज किया. नेतन्याहू ने कहा कि 'उपनिवेशवाद' का आरोप लगाना भी उनके मुताबिक एक गलत कहानी का हिस्सा है.
गाजा में नरसंहार के आरोप को बताया झूठ
गाजा युद्ध को लेकर नेतन्याहू ने एक बार फिर इजराइल पर लगे नरसंहार के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि इजराइल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि उसे रोकने के लिए कार्रवाई की.
नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर भी निशाना साधा और हमास को लेकर उनके रुख की आलोचना की. उनका भाषण ऐसे समय हुआ जब गाजा में इजराइल की कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार विरोध और आलोचना हो रही है.