Anant Chaturdashi 2026: अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने और कलाई पर अनंत सूत्र बांधने की परंपरा है. मान्यता के अनुसार इस सूत्र में 14 गांठें लगाई जाती हैं और इसे श्रद्धा के साथ धारण किया जाता है. हालांकि, कई बार पूजा के बाद यह धागा अचानक टूट जाता है या कहीं खो जाता है. ऐसी स्थिति में कई लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है कि कहीं इसे किसी अशुभ संकेत के तौर पर तो नहीं देखा जाना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं में ऐसी स्थिति को लेकर घबराने के बजाय भगवान विष्णु का स्मरण करने और श्रद्धापूर्वक क्षमा मांगने की बात कही जाती है. अगर अनंत सूत्र टूट जाए या खो जाए, तो कुछ पारंपरिक उपाय किए जा सकते हैं.
अनंत सूत्र टूटने पर सबसे पहले क्या करें?
अगर कलाई में बंधा अनंत सूत्र अचानक टूट जाए, तो सबसे पहले शांत मन से भगवान श्रीहरि विष्णु का ध्यान करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार जाने-अनजाने में हुई भूल के लिए भगवान से क्षमा मांगनी चाहिए. इसे लेकर मन में किसी तरह का भय रखने की जरूरत नहीं मानी जाती. अगर टूटा हुआ सूत्र आपके पास मौजूद है, तो उसे सम्मानपूर्वक किसी पवित्र स्थान पर रखने या पारंपरिक रीति से विसर्जित करने की मान्यता है. कुछ परंपराओं में इसे पवित्र नदी में प्रवाहित करने या पीपल के पेड़ की जड़ में रखने की बात कही जाती है. स्थानीय और पारिवारिक परंपरा के अनुसार तरीका अपनाया जा सकता है.
खो जाए अनंत सूत्र तो क्या नया धागा बांध सकते हैं?
अगर अनंत सूत्र कहीं खो जाए, तो धार्मिक मान्यता के अनुसार नया सूत्र तैयार करके भगवान विष्णु की पूजा के बाद धारण किया जा सकता है. इसके लिए शुद्ध सूती या रेशमी धागे में 14 गांठें लगाई जाती हैं. इसके बाद सूत्र को भगवान विष्णु के सामने रखकर श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है. पूजा के दौरान ‘ॐ अनंताय नमः’ मंत्र का जाप किया जा सकता है. मंत्र जाप और पूजा पूरी होने के बाद नया अनंत सूत्र कलाई पर धारण करने की परंपरा है. हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अनंत सूत्र धारण करने की विधि अलग हो सकती है.
अनंत चतुर्दशी पर दान का भी है महत्व
अनंत चतुर्दशी के दिन पूजा-पाठ के साथ दान-पुण्य करने की भी धार्मिक परंपरा है. मान्यता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, तिल या वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है. यदि अनंत सूत्र टूटने या खोने के कारण मन में किसी तरह की चिंता है, तो पूजा के साथ अपनी श्रद्धा के अनुसार दान-पुण्य किया जा सकता है.
सूत्र टूटने को लेकर मन में डर न रखें
अनंत सूत्र का टूटना या खो जाना अपने आप में किसी अनिष्ट का निश्चित संकेत है, ऐसा मानने का कोई एक सार्वभौमिक शास्त्रीय नियम नहीं है. इसलिए ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु का स्मरण करना और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा करना उचित माना जाता है. अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा, मंत्र जाप और श्रद्धा को विशेष महत्व दिया जाता है. इसलिए सूत्र के टूटने या खोने की स्थिति में भी पूजा और आस्था को बनाए रखना ही सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है.
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