West Bengal Election 2026: मां गंगा ही कोलकाता की ताकत है. कोलकाता में चाय को चाय समझना गुस्ताखी होगा क्योंकि चाय तो यहां पर दो दिलों को जोड़ने का काम करती है. कोलकाता जहां की हर गली में इतिहास साथ लेता है. गालिब जो आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के दरबार में शायर थे. ना जाने उन्हें कोलकाता में ऐसा क्या दिखा कि कागज पर इसका जिक्र करना वो भूले नहीं. दिल्ली से पहले भारत की राजधानी कोलकाता हुआ करती थी. 1690 में ईस्ट इंडिया कंपनी का एक नुमाइंदा जॉब चरन कोलकाता में सेटल होने के कुछ वक्त बाद ही तीन गांव सुतानुती, गोविंदपुरा और कोलकाता जमींदार से खरीद लिए गए.
ये भी पढ़ें- इस राज्यों में अगले तीन दिनों तक आसमान से बरसेगी आग, जानें कहां बारिश के आसार