मॉनसून की दस्तक में देरी! अब इस दिन केरल पहुंच सकता है मानसून, मौसम विभाग ने दिया नया अपडेट

Monsoon Latest Update: देशभर में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों को इस बार कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब 4 जून के आसपास केरल तट पर पहुंच सकता है.

Weather Delay in arrival of monsoon can reach Kerala on 4 june Meteorological Department new update
Image Source: ANI/ File

Monsoon Latest Update: देशभर में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों को इस बार कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब 4 जून के आसपास केरल तट पर पहुंच सकता है. इससे पहले मानसून के आगमन की संभावित तारीख 26 मई बताई गई थी. नए अनुमान के बाद मानसून की शुरुआत में करीब 10 दिनों की देरी की संभावना जताई जा रही है.

दक्षिण भारत में धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है मानसून

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी के कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है. हालांकि मानसून की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं हो पा रही है, जिसके कारण इसके केरल पहुंचने में देरी की आशंका बनी हुई है.

उत्तर भारत में भी बढ़ सकता है इंतजार

यदि मानसून केरल में देर से पहुंचता है तो इसका असर उत्तर भारत के राज्यों पर भी पड़ सकता है. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में मानसूनी बारिश की शुरुआत सामान्य से कुछ देर बाद हो सकती है. इससे गर्मी और उमस का दौर कुछ और दिनों तक जारी रहने की संभावना है.

पिछले साल समय से पहले पहुंचा था मानसून

पिछले वर्ष मानसून ने सामान्य समय से पहले दस्तक दी थी. केरल में इसका आगमन 24 मई को हो गया था, जबकि सामान्य तिथि 1 जून मानी जाती है. इसके बाद मानसून ने तेज रफ्तार से आगे बढ़ते हुए जून के अंत तक पूरे देश को कवर कर लिया था.

इस साल सामान्य से कम बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने जून से सितंबर तक के मानसून सीजन के लिए जारी अपने पूर्वानुमान में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताई है. 29 मई को जारी आकलन में कहा गया कि पूरे सीजन के दौरान औसत वर्षा सामान्य स्तर के करीब 90 प्रतिशत रह सकती है. साथ ही बारिश में कमी रहने की संभावना भी अधिक बताई गई है.

कृषि पर पड़ सकता है असर

भारत में खरीफ फसलों की बुआई बड़े पैमाने पर मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है. ऐसे में यदि वर्षा सामान्य से कम रहती है तो इसका असर खेती-किसानी और जल संसाधनों पर पड़ सकता है. विशेष रूप से उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के कई क्षेत्र मानसून पर काफी निर्भर हैं.

अल नीनो बन सकता है बड़ी वजह

मॉनसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम (MMCFS) के अनुसार, इस वर्ष मानसून सीजन के दौरान अल नीनो की स्थिति विकसित हो सकती है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के आसपास अल नीनो के सक्रिय होने से वर्षा की मात्रा प्रभावित हो सकती है और यही कारण सामान्य से कम बारिश के अनुमान के पीछे प्रमुख कारक माना जा रहा है.

कब होगा मजबूत मानसून?

आईएमडी के ताजा अनुमान के अनुसार, दक्षिण भारत में मानसून की मजबूत गतिविधियां 5 से 6 जून के बाद देखने को मिल सकती हैं. शुरुआती चरण में केरल में बारिश अपेक्षाकृत हल्की रहने की संभावना है, जबकि बाद में धीरे-धीरे इसकी तीव्रता बढ़ सकती है.

अभी पूरी नहीं हुई हैं सभी जरूरी परिस्थितियां

मौसम विभाग मानसून के आगमन की घोषणा के लिए कुछ विशेष मानकों पर नजर रखता है. इनमें केरल के अधिकांश मौसम केंद्रों पर लगातार बारिश, अरब सागर से आने वाली पर्याप्त पश्चिमी हवाएं और घने बादलों की मौजूदगी शामिल है.

फिलहाल बारिश और बादलों की स्थिति अनुकूल है, लेकिन पश्चिमी हवाएं अभी अपेक्षित स्तर तक मजबूत नहीं हुई हैं. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में हवाओं की रफ्तार बढ़ने के साथ मानसून के आगे बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो सकती है.

ये भी पढ़ें- IPL जीतने के बाद वृंदावन पहुंचे विराट कोहली-अनुष्का शर्मा, प्रेमानंद महाराज का लिया आशीर्वाद, Video