India vs England T20I series: इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया. तीन मैचों के बाद संजू सैमसन की टीम में वापसी हुई, लेकिन इसके बाद भी भारत को हार का सामना करना पड़ा.
इंग्लैंड ने यह मुकाबला जीतकर सीरीज पर 4-0 से कब्जा कर लिया. हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताया कि वैभव सूर्यवंशी को बाहर करने का फैसला क्यों लिया गया.
फॉर्म नहीं, टीम कॉम्बिनेशन की वजह से बाहर हुए वैभव
श्रेयस अय्यर ने साफ किया कि वैभव सूर्यवंशी को उनकी खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर नहीं किया गया था. टीम मैनेजमेंट ने बल्लेबाजी क्रम को देखते हुए यह फैसला लिया. अय्यर ने बताया कि टीम टॉप ऑर्डर में बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाजों का संतुलन बनाना चाहती थी. इसी वजह से वैभव की जगह संजू सैमसन को मौका दिया गया. वैभव सूर्यवंशी ने इस सीरीज में तीन मुकाबले खेले और 42 रन बनाए.
अभिषेक के साथ दाएं हाथ का ओपनर चाहिए था
श्रेयस अय्यर ने कहा कि टीम को इस मुकाबले के लिए ऐसा कॉम्बिनेशन चाहिए था जो हालात के हिसाब से बेहतर हो. उन्होंने कहा कि टीम चाहती थी कि अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करने के लिए एक दाएं हाथ का बल्लेबाज मौजूद हो.
यही वैभव की जगह संजू सैमसन को शामिल करने की बड़ी वजह थी. संजू की वापसी पर अय्यर ने कहा कि वह एक शानदार बल्लेबाज हैं और पहले भी कई मौकों पर टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं.
भारत का खराब प्रदर्शन जारी
आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. टीम सात मुकाबलों में एक भी जीत हासिल नहीं कर पाई. हार के कारणों पर बात करते हुए श्रेयस अय्यर ने कहा कि इसके पीछे कोई एक वजह नहीं थी. टीम को लगातार अलग-अलग मैदानों और परिस्थितियों में खेलने की चुनौती का सामना करना पड़ा.
हालात के हिसाब से जल्दी ढल नहीं पाई टीम
अय्यर ने कहा कि टीम एक जगह से दूसरी जगह जाती रही और हर मैदान के आकार व परिस्थितियों में बदलाव देखने को मिला. टीम कोशिश कर रही थी कि जल्द से जल्द इन हालात के अनुसार खुद को तैयार करे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. उन्होंने माना कि टीम को इस दौरे से काफी कुछ सीखने को मिला है.
इंग्लैंड ने तीनों विभागों में बेहतर खेल दिखाया
श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड टीम की तारीफ करते हुए कहा कि सिर्फ इस सोच के साथ नहीं उतर सकते कि विदेश जाकर आसानी से सीरीज जीत जाएंगे. इसके लिए लगातार मेहनत और सही तैयारी जरूरी होती है. उन्होंने कहा कि इंग्लैंड ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया. इसी वजह से सीरीज का नतीजा उनके पक्ष में गया.
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