Uttarakhand Monsoon: उत्तराखंड में मानसून इस बार राहत नहीं, बल्कि लगातार संकट लेकर आ रहा है. पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. जगह-जगह भूस्खलन, सड़कें बंद होने और हादसों की बढ़ती घटनाओं ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के कई जिले प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में हैं. सड़क संपर्क बाधित होने के साथ ही जान-माल का भारी नुकसान हुआ है, जबकि प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है.
76 सड़कें बंद, कई जिलों में यातायात प्रभावित
एसईओसी की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में फिलहाल 76 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं. इनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग (BRO), 12 लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़कें और 63 पीएमजीएसवाई व ग्रामीण सड़कें शामिल हैं. सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पिथौरागढ़, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर और चमोली शामिल हैं. इन इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने के कारण कई मार्ग बाधित हुए हैं. संबंधित विभाग लगातार मशीनों की मदद से सड़कें खोलने का प्रयास कर रहे हैं ताकि लोगों की आवाजाही जल्द सामान्य हो सके.
प्राकृतिक आपदाओं में 27 लोगों की गई जान
राज्य में 1 अप्रैल 2026 से अब तक प्राकृतिक आपदाओं के कारण 27 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 29 लोग घायल हुए हैं. लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से कई परिवारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 209 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 11 मकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा तीन मकान पूरी तरह ढह गए हैं. पशुधन को भी नुकसान हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं.
देहरादून में खाई में गिरा व्यक्ति
देहरादून में गुरुवार दोपहर जीरो प्वाइंट के पास एक व्यक्ति गहरी खाई में गिर गया. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घायल व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला. रेस्क्यू के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया. जिले में फिलहाल 11 ग्रामीण सड़कें बंद हैं, जिन्हें खोलने का काम लगातार जारी है.
चमोली में खुला बदरीनाथ हाईवे
चमोली जिले में नेपालपानी और पागलनाला के पास मलबा आने से बाधित हुआ ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-7) गुरुवार सुबह 7:41 बजे यातायात के लिए खोल दिया गया. हालांकि राहत की इस खबर के बावजूद जिले की सात ग्रामीण सड़कें अब भी बंद हैं. प्रशासन इन मार्गों को जल्द से जल्द चालू करने के लिए लगातार मशीनों और कर्मचारियों की मदद ले रहा है.
नैनीताल में टैक्सी हादसा
लगातार बारिश के बीच नैनीताल जिले में भी बड़ा हादसा सामने आया. ज्योलीकोट के पास एक टैक्सी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई. हादसे में वाहन में सवार सातों लोग घायल हो गए. स्थानीय प्रशासन और राहत दल ने सभी घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है.
नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे से नीचे
लगातार बारिश के बावजूद राहत की बात यह है कि प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है. गंगा, अलकनंदा, मंदाकिनी, सरयू, गोमती, शारदा और भागीरथी समेत प्रमुख नदियों की स्थिति पर प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है. हालांकि मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए संबंधित विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं.
चारधाम यात्रा जारी, लेकिन मौतों का आंकड़ा बढ़ा
बारिश और खराब मौसम के बावजूद चारधाम यात्रा लगातार जारी है. इस यात्रा के दौरान अब तक 210 श्रद्धालुओं की मौत दर्ज की गई है. रिपोर्ट के अनुसार इनमें 207 मौतें स्वास्थ्य संबंधी कारणों से हुई हैं, जबकि तीन श्रद्धालुओं की मौत प्राकृतिक आपदाओं की वजह से हुई है. इसके बावजूद चारधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में जुटा है.
अगले पांच दिनों तक मौसम को लेकर अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनी के आधार पर एसईओसी ने उत्तराखंड के लिए अगले पांच दिनों का जिला स्तरीय मौसम अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने सभी जिलों को संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी करने, आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.
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