उत्तर प्रदेश में हर दिन 50 लाख यूनिट ग्रीन बिजली का उत्पादन, मासिक बिल में 90 प्रतिशत तक की राहत

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में एक नई ऊंचाई की ओर बढ़ रहा है. केंद्र सरकार की प्रमुख योजना "पीएम सूर्य घर" के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण उत्तर प्रदेश अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है.

Uttar Pradesh leads in the PM Surya Ghar Scheme boosting solar power
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में एक नई ऊंचाई की ओर बढ़ रहा है. केंद्र सरकार की प्रमुख योजना "पीएम सूर्य घर" के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण उत्तर प्रदेश अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है. इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करके बिजली की खपत में कमी लाना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है.

उत्तर प्रदेश में इस योजना को लेकर अब तक 10.94 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो राष्ट्रीय पोर्टल पर दर्ज कुल 58.36 लाख आवेदन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. इस आंकड़े से प्रदेश में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ते विश्वास का पता चलता है. इसके साथ ही यह राज्य में ऊर्जा स्वच्छता को बढ़ावा देने के प्रति गंभीर प्रयासों को दर्शाता है.

3.57 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित

योगी सरकार की सक्रिय नीतियों और उत्तर प्रदेश ऊर्जा विकास एजेंसी (यूपीनेडा) तथा वितरण कंपनियों के तालमेल से प्रदेश में 3,57,879 से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं. इन सोलर सिस्टम के माध्यम से प्रदेश की कुल स्थापित सौर क्षमता 1,227.05 मेगावाट तक पहुँच चुकी है. इसके अलावा, योजना के तहत उपभोक्ताओं को अब तक 2,440.62 करोड़ की केंद्रीय सब्सिडी और करीब ₹600 करोड़ की राज्य सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है.

बिजली बिल में भारी राहत

पीएम सूर्य घर योजना के तहत स्थापित रूफटॉप सोलर सिस्टम से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 60 से 90 प्रतिशत तक की कमी आई है. इसके साथ ही, उपभोक्ताओं को औसतन ₹1,500 से ₹3,000 तक की मासिक बचत हो रही है. यह योजना 25 वर्षों तक कम लागत पर स्वच्छ और स्थायी बिजली उपलब्ध करवा रही है, और नेट मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में समायोजित करने की सुविधा भी प्रदान कर रही है. इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को वित्तीय और ऊर्जा दोनों दृष्टिकोण से लाभ हो रहा है.

हर दिन 50 लाख यूनिट से ज्यादा ग्रीन बिजली उत्पादन

उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन 50 लाख यूनिट से अधिक ग्रीन सोलर बिजली का उत्पादन हो रहा है. इससे राज्य की बिजली वितरण कंपनियों पर पीक डिमांड का दबाव कम हुआ है, और ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली अधिक स्थिर और सक्षम बनी है. यह पहल राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रही है.

पर्यावरण संरक्षण में अहम योगदान

उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना से लगभग 13 से 15 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आ रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है. कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता कम होने से वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसों में भी उल्लेखनीय कमी आई है. इस प्रयास से भारत के 2070 तक नेट-ज़ीरो लक्ष्य की ओर भी मजबूती मिल रही है.

डिजिटल और हरित ऊर्जा इकोसिस्टम का निर्माण

यूपी सरकार पीएम सूर्य घर योजना को भविष्य में यूनिफाइड एनर्जी इंटरफेस (UEI) आधारित डिजिटल ऊर्जा ढांचे से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है. इसके तहत सौर उत्पादन, स्मार्ट मीटरिंग, नेट मीटरिंग, कार्बन डेटा और भुगतान प्रणालियों को बैंकिंग और वित्तीय सिस्टम से जोड़ा जाएगा. इस पहल से ईवी चार्जिंग, ग्रीन फाइनेंसिंग, कार्बन क्रेडिट ट्रैकिंग और ऊर्जा आधारित वित्तीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, यह उत्तर प्रदेश के एमएसएमई और निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को भी मजबूत करेगा.

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