Rishikesh River Rafting: अगर आप आने वाले दिनों में ऋषिकेश घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए अहम है. गंगा नदी में होने वाली रिवर राफ्टिंग का रोमांच 30 जून की शाम के बाद बंद हो जाएगा और 1 जुलाई से यह गतिविधि पूरी तरह रोक दी जाएगी. अब पर्यटक इस एडवेंचर स्पोर्ट का आनंद सीधे सितंबर में दोबारा उठा सकेंगे.
मानसून के चलते हर साल लगती है रोक
ऋषिकेश में मानसून के दौरान गंगा का जलस्तर काफी बढ़ जाता है, जिससे राफ्टिंग करना खतरनाक हो जाता है. सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए हर साल इस मौसम में राफ्टिंग गतिविधियों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाता है. इस बार भी यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है.
राफ्टिंग का आखिरी मौका आज
राफ्टिंग प्रेमियों के लिए आज का दिन इस सीजन का आखिरी मौका है. वीकेंड और छुट्टियों पर बड़ी संख्या में पर्यटक ऋषिकेश पहुंचते हैं, जहां गंगा की तेज धाराओं और रैपिड्स के बीच राफ्टिंग का रोमांच लिया जाता है. इस सीजन में अब तक करीब 3.80 लाख पर्यटक राफ्टिंग का आनंद ले चुके हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में भी एक मजबूत आंकड़ा माना जा रहा है.
देश-विदेश से आते हैं पर्यटक
ऋषिकेश में राफ्टिंग केवल घरेलू पर्यटकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां एडवेंचर के लिए पहुंचते हैं. गंगा की लहरों और रैपिड्स के बीच यह अनुभव इसे एक प्रमुख एडवेंचर डेस्टिनेशन बनाता है.
प्रमुख राफ्टिंग रूट्स
ऋषिकेश में अलग-अलग दूरी के कई राफ्टिंग रूट निर्धारित हैं, जिनमें शामिल हैं:
सितंबर में फिर लौटेगा रोमांच
मानसून के बाद जैसे ही गंगा का जलस्तर सामान्य होगा, राफ्टिंग गतिविधियां फिर से शुरू कर दी जाएंगी. अनुमान है कि इस साल सितंबर से राफ्टिंग सीजन दोबारा शुरू होगा.
पर्यटन और रोजगार से जुड़ा बड़ा सेक्टर
उत्तराखंड में रिवर राफ्टिंग और बीच कैंपिंग एडवेंचर टूरिज्म का अहम हिस्सा हैं. इस उद्योग से लगभग 130 राफ्टिंग कंपनियां जुड़ी हुई हैं और करीब 10,000 से अधिक लोग प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त करते हैं. मानसून के दौरान भले ही राफ्टिंग पर ब्रेक लग जाता है, लेकिन सीजन फिर शुरू होने के साथ ही ऋषिकेश एक बार फिर एडवेंचर प्रेमियों से गुलजार हो जाता है.
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