गाजा युद्ध को लेकर संयुक्त राष्ट्र के जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट जारी की है. इसमें इजरायल पर फिलिस्तीनी नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने और युद्ध अपराध करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आयोग के मुताबिक, इजरायल पर उत्पीड़न, यातना, लोगों की हत्या, बलात्कार और अन्य तरह की यौन हिंसा जैसे अपराधों के आरोप भी हैं.
संयुक्त राष्ट्र ने इजरायल पर क्या आरोप लगाए?
संयुक्त राष्ट्र के जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इजरायल ने कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाकों में आम नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाया. आयोग के अनुसार, इन कार्रवाइयों में युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध शामिल हैं. रिपोर्ट में लोगों के सफाए, उत्पीड़न, यातना और यौन हिंसा जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं.
इजरायली सेना पर बड़े पैमाने पर तबाही का आरोप
आयोग ने कहा कि 7 अक्टूबर 2023 से इजरायली सेना ने घनी आबादी वाले इलाकों में भारी और बिना सटीक निशाना साधने वाले हथियारों का इस्तेमाल किया. इसके अलावा ड्रोन, क्वाडकॉप्टर और स्नाइपर हमलों का भी सहारा लिया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों से आम नागरिकों की जान गई और उनकी संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा.
UN Commission of Inquiry: "Israel has committed war crimes & the crimes against humanity of extermination, persecution, torture, rape & other forms of sexual violence in the Occupied Palestinian Territory, intentionally targeting Palestinian civilians." https://t.co/T62n3Xn7sY https://t.co/MPZsx1aO98
— United Nations Geneva (@UNGeneva) October 26, 2026
युद्धविराम के बाद भी हमले जारी रहने का दावा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अक्टूबर 2025 में हुए युद्धविराम के बाद भी हमले जारी रहे. आयोग के अनुसार, हवाई हमलों, तोपखाने की गोलाबारी, ड्रोन हमलों और गोलीबारी में 30 सितंबर 2026 तक कम से कम 1,431 लोगों की मौत हुई. इनमें कम से कम 300 बच्चे और 130 महिलाएं शामिल थीं. इसके अलावा 5,026 लोग घायल हुए.
रिपोर्ट के ये निष्कर्ष उस रिपोर्ट से अलग हैं, जिसे इस साल मई में 'बोर्ड ऑफ पीस' ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सौंपा था. सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के तहत तैयार उस रिपोर्ट में कहा गया था कि युद्धविराम काफी हद तक कायम रहा और इससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिली.
एंटोनियो गुटेरेस ने वेस्ट बैंक के हालात पर जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी वेस्ट बैंक में इजरायल की कार्रवाई पर चिंता जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि वहां इजरायली बस्तियों का विस्तार हो रहा है और फिलिस्तीनियों को उनकी जमीनों से बेदखल किया जा रहा है. उन्होंने इजरायली बसने वालों की बढ़ती हिंसा और फिलिस्तीनी परिवारों पर हो रहे हमलों का भी जिक्र किया.
I’m deeply alarmed by Israeli actions in the occupied West Bank. Settlements are expanding, evictions are unrelenting with Palestinians driven from their lands, settler violence is surging, Palestinian families are being assaulted. We are seeing an increasingly coercive environment, with the spectre of ethnic cleansing looming ever larger. This must end. There can be no durable peace in the Middle East without the realization of the legitimate rights of the Palestinian people to self-determination.
— António Guterres (@antonioguterres) October 26, 2026
गुटेरेस ने चेतावनी दी कि वेस्ट बैंक में हालात लगातार दमनकारी होते जा रहे हैं और जातीय सफाए का खतरा बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनी लोगों को आत्मनिर्णय का अधिकार दिए बिना मध्य पूर्व में स्थायी शांति कायम नहीं हो सकती.