तूफान अर्नब से बिगड़ेगा मौसम, केंद्र ने बुलाई हाईलेवल बैठक, लैंडफॉल का खतरा! कई राज्यों में अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ तेजी से ताकतवर हो रहा है और आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है. तूफान के खतरे को देखते हुए कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है.

Cyclone Arnab Centre calls high-level meeting IMD Alert for several states
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बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ तेजी से ताकतवर हो रहा है और आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है. तूफान के खतरे को देखते हुए कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, यह सोमवार रात तक गंभीर चक्रवाती तूफान और मंगलवार को बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. इसके बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के आसपास तट से टकराने की आशंका है.

तूफान के तट से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. वहीं, हवा के तेज झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकते हैं. आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. पुडुचेरी में भी अलर्ट जारी किया गया है.

चक्रवात अर्नब को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट

तूफान से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए कैबिनेट सचिव डॉ. टीवी सोमनाथन ने दिल्ली में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) के साथ बैठक की. इस दौरान मौसम विभाग ने चक्रवात की स्थिति, उसकी संभावित दिशा और तटीय इलाकों पर पड़ने वाले असर की जानकारी दी.

मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार सुबह 5:30 बजे तूफान बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे लगे पश्चिम-मध्य हिस्से में मौजूद था. उस समय यह विशाखापत्तनम से करीब 650 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था और लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा था.

गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने की तैयारी

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं. तटीय इलाकों में लोगों को लगातार चेतावनी देने के लिए भी कहा गया है.

प्रशासन उन गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने की तैयारी कर रहा है, जिनकी डिलीवरी की तारीख नजदीक है. इसके साथ ही प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के इंतजाम मजबूत किए जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों की मदद की जा सके.

ओडिशा के छह जिलों पर खास नजर

ओडिशा के छह दक्षिणी जिलों- गंजम, गजपति, रायगड़ा, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर को संवेदनशील माना गया है. यहां आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है. एहतियात के तौर पर कुछ पहाड़ी इलाकों, झरनों और बांधों के आसपास पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है. मछुआरों को भी समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है.

बंगाल से यूपी-बिहार तक बारिश की आशंका

चक्रवात के असर से पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में भारी बारिश हो सकती है. पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है.

वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में भूस्खलन का खतरा भी जताया गया है. ऐसे में पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है.

फिलहाल आंध्र प्रदेश के तट पर सबसे ज्यादा नजर रखी जा रही है, जहां बुधवार सुबह तूफान के पहुंचने का अनुमान है. इसकी दिशा और ताकत में बदलाव हो सकता है. ऐसे में लोगों को ताजा मौसम बुलेटिन देखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.