PM Modi UAE Visit: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते पर निर्भरता कम करने के लिए नया कदम उठाया है. अब यूएई फुजेराह से गुजरने वाली नई तेल पाइपलाइन बनाने की प्रक्रिया तेजी से शुरू करेगा. इससे दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा. अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने कहा कि पाइपलाइन का निर्माण युद्धस्तर पर किया जाएगा. यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई पहुंचने के तुरंत बाद की गई.
क्राउन प्रिंस की बैठक और पाइपलाइन योजना
अलजजीरा के मुताबिक, शुक्रवार को क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने अबू धाबी राष्ट्रीय तेल कंपनी की बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में नई पाइपलाइन को लेकर चर्चा हुई. यह पाइपलाइन होर्मुज जलडमरूमध्य को बाईपास करते हुए अबू धाबी से ओमान की खाड़ी तक तेल पहुंचाएगी. यूएई की योजना है कि यह पाइपलाइन साल 2027 तक चालू हो जाए. चालू होने पर यूएई की निर्यात क्षमता दोगुनी हो जाएगी, जिससे वैश्विक ऊर्जा की मांग पूरी की जा सकेगी.
पहले सड़क मार्ग से सप्लाई
इससे पहले यूएई ने अपने तेल और सामान को सड़क मार्ग से भेजा. रिपोर्ट के अनुसार, ओमान और सऊदी की मदद से ट्रक के जरिए सामान पोर्ट तक पहुंचाया गया. इस रूट पर हर दिन लगभग 3,500 ट्रक चल रहे हैं.
यूएई इस समय ईरान-यूएई संघर्ष से सबसे ज्यादा प्रभावित है. युद्ध के दौरान ईरान ने यूएई पर कई हमले किए थे. इसलिए यूएई के पास कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था, जिससे वह दुनिया को तेल सप्लाई कर सके.
मोदी और जायद ने होर्मुज पर जोर दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई में मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की. इस दौरान मोदी ने कहा कि होर्मुज का सुरक्षित खुलना पूरी दुनिया के लिए जरूरी है. उन्होंने कहा कि इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
नई दिल्ली में ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी यूएई ने होर्मुज खोलने पर जोर दिया. 6 मार्च 2026 से होर्मुज का रास्ता बंद था. अब तक भारत के करीब 15 जहाज फारस की खाड़ी से गुजर चुके हैं, लेकिन ईरान की अनुमति से ही.
यूएई की तैयारी और लक्ष्य
होर्मुज के बंद होने से यूएई की स्थिति कमजोर हो गई थी. इसे सुधारने के लिए यूएई ने तेल उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई बढ़ाने का फैसला किया. इसके लिए यूएई ने ओपेक और ओपेक प्लस से अलग होने का निर्णय लिया. यूएई का लक्ष्य है कि 2027 तक प्रतिदिन 5 मिलियन बैरल कच्चा तेल उत्पादन किया जाए.
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