पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक बार फिर बड़े आतंकी हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अलग-अलग इलाकों में हुए हमलों में कम से कम 18 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक इन हमलों के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का हाथ माना जा रहा है.
सबसे बड़ा हमला बाजौर जिले के लोई मामुंद इलाके में स्थित फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) स्काउट्स कैंप पर हुआ. अधिकारियों के अनुसार हमला बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया. पहले एक आत्मघाती हमलावर ने कैंप के मुख्य गेट पर विस्फोट किया, जिससे सुरक्षा घेरा कमजोर पड़ गया. इसके तुरंत बाद भारी हथियारों से लैस 20 से अधिक आतंकी कैंप के अंदर घुस गए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.
पूरी रात चली गोलीबारी
हमले के बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई शुरू की और दोनों ओर से देर रात तक भीषण मुठभेड़ जारी रही. इस दौरान कम से कम 9 आतंकियों को मार गिराने का दावा किया गया है. हालांकि इस हमले में 14 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई. कई अन्य जवान घायल हुए हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है.
कई इलाकों में एक साथ हमले
सूत्रों के मुताबिक हमले केवल एक जगह तक सीमित नहीं थे. ऐनाई किले और मामुंद इलाके में भी सुरक्षा चौकियों और पुलिस ठिकानों को निशाना बनाया गया. इन हमलों में चार पुलिसकर्मियों की मौत की खबर है. वहीं मीना इलाके में भी सुरक्षा बलों पर हमला किया गया. लगातार कई जगहों पर हमले होने से यह साफ माना जा रहा है कि यह पूरी तरह समन्वित ऑपरेशन था.
इलाके में जारी है सर्च ऑपरेशन
हमलों के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों ने सर्च और क्लियरेंस ऑपरेशन शुरू कर दिया है. कई संवेदनशील इलाकों को घेर लिया गया है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है.
खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ी आतंकी गतिविधियां
हाल के महीनों में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आतंकी हमलों में तेजी देखी गई है. इससे पहले नौरंग बाजार में हुए विस्फोट में 9 लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 30 लोग घायल हुए थे. इसके अलावा बन्नू जिले में कार बम और घात लगाकर किए गए हमलों में 15 पुलिसकर्मियों की जान चली गई थी.
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर लगाए आरोप
पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन बढ़ते हमलों के लिए अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को जिम्मेदार ठहराया है. इस मुद्दे को लेकर काबुल में तालिबान सरकार के सामने विरोध भी दर्ज कराया गया है. पाकिस्तान का दावा है कि सीमा पार से सक्रिय आतंकी संगठन खैबर पख्तूनख्वा में हमलों को अंजाम दे रहे हैं.
लगातार हो रहे हमलों ने पाकिस्तान की सुरक्षा रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. खासकर सैन्य और पुलिस ठिकानों को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि TTP एक बार फिर पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.
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