दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मछार पर हुए हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि शुरुआती जानकारी में फ्लाइट के को-पायलट का ईरान से कनेक्शन सामने आ रहा है. हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है. उन्होंने कहा कि अगर इस घटना में ईरान की भूमिका सामने आती है तो अमेरिका की तरफ से कड़ा जवाब दिया जाएगा.
मीडिया ने ट्रंप से पूछा कि क्या उन्हें फ्लाईदुबई फ्लाइट पर हुए हमले और ईरान के बीच किसी संबंध की जानकारी मिली है. इस पर ट्रंप ने कहा कि इस मामले पर काम चल रहा है और जल्द ही पूरी जानकारी सामने आएगी. उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें जो जानकारी मिली है, उसके आधार पर इसका जवाब 'हां' है, लेकिन जांच अभी जारी है.
ट्रंप से जब पूछा गया कि अगर इस हमले के पीछे ईरान का हाथ पाया गया तो क्या अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा? इस पर उन्होंने कहा, "चिंता मत कीजिए, मैं बहुत बुरी तरह मारूंगा."
इसके बाद उनसे पूछा गया कि क्या को-पायलट को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने विमान में भेजा था या फिर हमले से पहले उसे किसी तरह कट्टरपंथी बनाया गया था. ट्रंप ने कहा कि ऐसा होना संभव है.
ईरान से कनेक्शन को लेकर नेतन्याहू ने क्या कहा?
ट्रंप का यह बयान इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की टिप्पणी के बाद आया है. नेतन्याहू ने कहा था कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि फ्लाइट के को-पायलट का ईरान से कोई संबंध था या नहीं.
इससे पहले इजराइल के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मिकल मायान से भी को-पायलट की कथित इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा को लेकर सवाल पूछा गया था. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां घटना के पीछे संभावित वैचारिक कारणों, दूसरे लोगों से उसके संपर्क और पहले से बनाई गई योजना समेत कई पहलुओं की जांच कर रही हैं.
मायान ने कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ओमान के पायलट के इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने की बात कही थी और जांच में इस पहलू को भी देखा जा रहा है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और फिलहाल सभी संभावनाओं पर गौर किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि इजराइल में पहले भी इजराइली और यहूदी ठिकानों को निशाना बनाकर हमले होते रहे हैं. ऐसे में जांच अधिकारी घटना से जुड़े हर पहलू को देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि अभी इस मामले में ज्यादा जानकारी साझा करना संभव नहीं है.
नेतन्याहू, ट्रंप और पीएम मोदी ने स्मित को बताया हीरो
फ्लाइट के कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की दुनियाभर में चर्चा हो रही है. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी तारीफ की और उन्हें हीरो बताया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्मित मछार को बहादुर बताते हुए उनके परिवार से फोन पर बात की.
दरअसल, उड़ान के दौरान को-पायलट ने स्मित मछार पर चाकू से हमला कर दिया था. इसके बावजूद मछार ने उसका सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे. उनकी इस कोशिश से बाकी क्रू और यात्रियों को स्थिति संभालने का मौका मिला और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नाकाम हो गई.
क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट में?
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी. उड़ान के दौरान को-पायलट ने कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला कर दिया और विमान का कंट्रोल लेने की कोशिश की.
हमले में घायल होने के बावजूद मछार ने हिम्मत नहीं छोड़ी. उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और क्रू के दूसरे सदस्यों ने बीच-बचाव किया. इसके बाद विमान का रूट बदला गया और सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.
कैप्टन स्मित मछार फिलहाल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं और अबू धाबी में उनका इलाज चल रहा है.