इस्लामाबाद/क्वेटा: बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. बीते एक हफ्ते में बलूच विद्रोही गुट बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने तीन मेजर रैंक के पाकिस्तानी सेना अधिकारियों को अलग-अलग हमलों में निशाना बनाया है. ताजा हमला मस्तुंग जिले में हुआ, जिसमें मेजर जियाद की जान चली गई. इससे पहले मेजर रब नवाज और मेजर अनवर काकर भी बलूचिस्तान में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय मारे जा चुके हैं.
इन घटनाओं से साफ है कि बलूच विद्रोह एक बार फिर तीव्र होता जा रहा है और अब यह लड़ाई केवल छिटपुट हमलों तक सीमित नहीं रही. सोशल मीडिया पर BLA समर्थकों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और इन्हें पाकिस्तानी सेना की कथित ज्यादतियों के जवाब के रूप में पेश किया है.
बदलती रणनीति: अब छिपकर नहीं, सीधे टकराव
पिछले वर्षों में बलूच विद्रोही अक्सर गुरिल्ला शैली में हमला करते थे—छिपकर वार कर दूर हो जाना उनकी रणनीति का हिस्सा था. लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं. अब वे खुलकर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं, और यह पाकिस्तानी सेना के नेतृत्व ढांचे पर एक सीधा हमला है.
मेजर रैंक के अधिकारी आमतौर पर सुरक्षा समन्वय और जमीनी रणनीति का अहम हिस्सा होते हैं. उनकी लक्षित हत्याएं बताती हैं कि बलूच विद्रोही अब केवल विरोध प्रदर्शन या सीमित हिंसा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सेना की निर्णय क्षमता और ऑपरेशनल प्रभावशीलता को कमजोर करने की दिशा में बढ़ रहे हैं.
सुरक्षा रणनीति की समीक्षा की आवश्यकता
बलूचिस्तान में हाल के महीनों में पाकिस्तानी सेना ने कई गांवों में सुरक्षा अभियान चलाए हैं, जिनका उद्देश्य था विद्रोही ठिकानों को खत्म करना. लेकिन इसके बावजूद अगर सेना के वरिष्ठ अधिकारी बार-बार निशाना बनते हैं, तो यह सुरक्षा रणनीति की खामियों की ओर इशारा करता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि सेना को न केवल अपने ऑपरेशनल दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करना होगा, बल्कि स्थानीय समुदायों के साथ संवाद और विश्वास बहाली की दिशा में भी ठोस कदम उठाने होंगे.
सोशल मीडिया पर गूंजती तस्वीरें
पाकिस्तानी पत्रकार ताहा सिद्दीकी ने सोशल मीडिया पर मारे गए तीनों अधिकारियों की तस्वीरें साझा की हैं, साथ ही उन इलाकों की जानकारी दी है, जहां उन्हें निशाना बनाया गया. इन तस्वीरों के साथ उन्होंने टिप्पणी की, “एक और हमला, एक और अफसर शहीद — बलूचिस्तान में हालात चिंताजनक हैं.”
Another #PakistanArmy Major Ziyad eliminated by BLA in Mastung.
— Taha Siddiqui (@TahaSSiddiqui) July 24, 2025
That makes 3 Major rank officers killed in just a week (reportedly).
How long before Pakistani state realizes that it is losing the war in #Balochistan?#FreeBalochistan pic.twitter.com/WwAcXynWaS
सरकारी स्तर पर अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर सेना समर्थकों में गुस्सा साफ देखा जा सकता है.
क्या विदेशी साजिश का तर्क अब भी प्रासंगिक है?
पाकिस्तानी सरकार और सेना लंबे समय से बलूच आंदोलन को विदेशी षड्यंत्र करार देती रही हैं. लेकिन अब जब सेना के उच्च अधिकारी लगातार हमलों का शिकार हो रहे हैं, तो यह सवाल उठता है कि क्या यह वास्तव में बाहरी हस्तक्षेप है या आंतरिक असंतोष की गंभीर अभिव्यक्ति?
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