मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है. हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई तय समयसीमा नहीं बताई.
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि हम इस संघर्ष को खत्म करने के बहुत करीब हैं. उन्होंने साफ कहा कि किसी “आतंकवादी शासन” को दुनिया को बंधक बनाने या वैश्विक तेल आपूर्ति रोकने की कोशिश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ट्रंप के मुताबिक, अगर ईरान ऐसा करने की कोशिश करता है तो उसे कड़ी सजा भुगतनी पड़ेगी.
#WATCH | US President Donald Trump says, "As we continue Operation Epic Fury, we're also focused on keeping energy and oil flowing to the world. I will not allow a terrorist regime to hold the world hostage and attempt to stop the globe's oil supply. If Iran does anything to do… pic.twitter.com/tkeQajVQQL
— ANI (@ANI) March 9, 2026
ट्रंप के बयान के बाद तेल की कीमतों में गिरावट
ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. जब उनसे पूछा गया कि क्या युद्ध एक हफ्ते में खत्म हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि ऐसा तुरंत नहीं होगा, लेकिन यह जल्द खत्म होने की दिशा में बढ़ रहा है.
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता को काफी नुकसान पहुंचा है.
मिडिल ईस्ट पर कब्जे की योजना का आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि ईरान मिडिल ईस्ट पर अपना प्रभाव बढ़ाने और इजराइल को खत्म करने की योजना बना रहा था. उनके अनुसार अमेरिका ने समय रहते इस योजना को रोक दिया.
#WATCH | On Iran, US President Donald Trump says, "If we didn't go in, they would have come in after us...Within a week, they were going to attack us 100 per cent. They were ready. They had all these missiles far more than anyone thought and they were going to attack us. They… pic.twitter.com/EcgHWpcvOg
— ANI (@ANI) March 9, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने फिलहाल ईरान के कुछ बिजली उत्पादन केंद्रों को निशाना बनाने से परहेज किया है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो उन पर भी कार्रवाई की जा सकती है.
कई अहम लक्ष्य अभी भी निशाने पर
फ्लोरिडा में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने कुछ अहम लक्ष्यों को फिलहाल सुरक्षित रखा है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन पर कार्रवाई की जा सके.
उनके अनुसार यदि इन ठिकानों पर हमला किया गया, तो उन्हें दोबारा खड़ा करने में कई साल लग सकते हैं. इन लक्ष्यों में बिजली उत्पादन और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे शामिल हैं.
तेल की कीमतें कम होने की उम्मीद
ट्रंप का कहना है कि इस सैन्य कार्रवाई से वैश्विक जहाजरानी और तेल आपूर्ति के लिए पैदा खतरा कम होगा. इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है और अमेरिकी लोगों के लिए पेट्रोल-डीजल सस्ता हो सकता है.
उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में चलने वाले टैंकरों के लिए अमेरिका राजनीतिक जोखिम बीमा भी उपलब्ध करा रहा है. इसके अलावा कीमतें कम रखने के लिए तेल से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में भी ढील दी जा रही है.
टैंकरों की सुरक्षा का भरोसा
ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नौसेना और उसके सहयोगी जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे.
उन्होंने यह भी दोहराया कि वह ईरान के अगले नेतृत्व के चयन को लेकर भी रुचि रखते हैं, ताकि भविष्य में क्षेत्र में ऐसा संकट फिर न पैदा हो.
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