भारतीय वायुसेना की ताकत और गौरव का प्रतीक रहा मिग-21 फाइटर जेट आज अपनी अंतिम उड़ान भर चुका है. करीब छह दशकों तक देश की हवाई सीमाओं की रक्षा करने वाला यह लड़ाकू विमान चंडीगढ़ वायुसेना स्टेशन से आज औपचारिक रूप से रिटायर हो गया. इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी समेत वायुसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
मिग-21 को वॉटर कैनन सैल्यूट के साथ भावभीनी विदाई दी गई. इस मौके पर मिग-21 ने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के साथ संयुक्त फ्लाईपास्ट किया. यह दृश्य केवल एक सैन्य प्रदर्शन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सौंपा गया एक संदेश था. "मैं यह गौरव अगली पीढ़ी को सौंपता हूं.