फारस की खाड़ी में नहीं थम रहा संकट, कतर के पास जहाज पर हमले से मची अफरा-तफरी; जानें पूरा मामला

Persian Gulf Ship AttacK: फारस की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. रविवार को कतर के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर हमला होने की खबर सामने आई, जिसके बाद जहाज में आग लग गई. घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं.

The crisis in the Persian Gulf is not stopping attack on a ship near Qatar created panic
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Persian Gulf Ship AttacK: फारस की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. रविवार को कतर के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर हमला होने की खबर सामने आई, जिसके बाद जहाज में आग लग गई. घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी United Kingdom Maritime Trade Operations (UKMTO) ने इस हमले की पुष्टि की है.

एजेंसी के मुताबिक जहाज को किसी अज्ञात हथियार या प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया. हमला होते ही जहाज के एक हिस्से में आग लग गई, हालांकि बाद में आग पर काबू पा लिया गया. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.

दोहा से 43 किलोमीटर दूर हुआ हमला

जानकारी के अनुसार यह हमला कतर की राजधानी Doha से करीब 43 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में हुआ. मालवाहक जहाज फारस की खाड़ी के समुद्री मार्ग से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला किया गया.

हमले के बाद जहाज पर मौजूद क्रू मेंबरों में अफरा-तफरी मच गई. शुरुआती जांच में यह साफ नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया और इसमें किस तरह के हथियार का इस्तेमाल हुआ. सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुट गई हैं.

सीजफायर के बाद भी होर्मुज क्षेत्र में बना हुआ है तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट और फारस की खाड़ी का इलाका अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है. पिछले कुछ दिनों में कई व्यापारिक और तेल टैंकर जहाजों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.

इसके बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी थी. ईरान ने कहा था कि अगर उसके व्यापारिक जहाजों या तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया तो जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी जहाजों को भी निशाना बनाया जा सकता है.

भारतीय जहाज में भी लगी थी आग

फारस की खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र में हाल के दिनों में कई समुद्री हादसे सामने आए हैं. 8 अप्रैल को एक भारतीय लकड़ी के जहाज में भी होर्मुज स्ट्रेट के पास आग लग गई थी. उस जहाज पर 18 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद थे.

इस हादसे में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी जबकि चार अन्य झुलस गए थे. बाद में पास से गुजर रहे दूसरे जहाज ने बाकी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. घायल भारतीयों का इलाज दुबई में कराया गया था. हालांकि उस घटना की असली वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है.

चीनी तेल टैंकर पर भी हुआ था हमला

कुछ दिन पहले एक चीनी तेल टैंकर पर भी हमला हुआ था. मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले इस जहाज का नाम JV इनोवेशनल बताया गया था. हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी.

जहाज के चीफ इंजीनियर ने कहा था कि यह साफ नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया. जहाज पर कुल 22 क्रू मेंबर मौजूद थे, जिनमें चीन, म्यांमार और इंडोनेशिया के नागरिक शामिल थे. घटना के बाद चालक दल के सदस्यों में काफी डर और तनाव का माहौल देखा गया था.

समुद्री व्यापार पर बढ़ रहा खतरा

लगातार हो रहे हमलों ने फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ा दी है. दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है. ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई पर भी असर डाल सकता है. समुद्री सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं और जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.

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