Pakistan Police Bombing: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में शनिवार को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसने देश की सुरक्षा व्यवस्था को फिर से झकझोर कर रख दिया. खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में आतंकियों ने एक पुलिस चौकी को निशाना बनाते हुए पहले कार बम धमाका किया और उसके बाद सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला बोल दिया. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में कई पुलिसकर्मियों की मौत की आशंका जताई जा रही है.
यह हमला अफगानिस्तान सीमा के करीब स्थित बन्नू इलाके में हुआ, जो पहले भी आतंकी गतिविधियों के कारण संवेदनशील माना जाता रहा है. धमाका इतना जोरदार था कि पुलिस चौकी का बड़ा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया और आसपास के इलाकों में भी दहशत फैल गई.
कार बम धमाके से दहली पुलिस चौकी
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों ने विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी को पुलिस पोस्ट के मुख्य गेट के पास लाकर उड़ा दिया. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि चौकी की इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. शुरुआती जानकारी में तीन पुलिस अधिकारियों की मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
पुलिस अधिकारी सज्जाद खान के मुताबिक, जिस समय हमला हुआ उस वक्त चौकी पर करीब 15 पुलिसकर्मी मौजूद थे. कई जवान मलबे में दब गए, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. राहत और बचाव अभियान जारी है और अंतिम आंकड़े ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही सामने आ पाएंगे.
हमले के बाद हुई भारी गोलीबारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, धमाके के तुरंत बाद हालात और ज्यादा भयावह हो गए. विस्फोट की आवाज सुनकर जब आसपास मौजूद पुलिसकर्मी और सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे, तब आतंकियों ने उन पर अचानक हमला कर दिया. इसके बाद इलाके में भारी गोलीबारी शुरू हो गई.
एक अन्य पुलिस अधिकारी जाहिद खान ने बताया कि इस हमले में आत्मघाती हमलावर के शामिल होने की भी आशंका है. बताया जा रहा है कि विस्फोटकों से भरी गाड़ी को जानबूझकर चौकी के बेहद करीब लाया गया था, ताकि ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सके.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके के बाद कई छोटे विस्फोटों की आवाजें भी सुनी गईं. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्होंने आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया.
ड्रोन इस्तेमाल की भी आशंका
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हमले के दौरान ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया. यदि इसकी पुष्टि होती है, तो यह पाकिस्तान में सुरक्षा बलों पर होने वाले हमलों के तरीके में बड़ा बदलाव माना जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि हमलावरों ने पहले इलाके की निगरानी की और फिर योजनाबद्ध तरीके से इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया.
ड्रोन के इस्तेमाल की खबर ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि आतंकी संगठन अब पहले से ज्यादा तकनीकी रूप से सक्षम होते जा रहे हैं.
आसपास के इलाकों में भी मची अफरा-तफरी
धमाके का असर केवल पुलिस चौकी तक सीमित नहीं रहा. आसपास के घरों और इमारतों को भी नुकसान पहुंचा. कई खिड़कियां टूट गईं और आसपास के लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए.
रिपोर्ट्स के अनुसार, कम से कम दो आम नागरिक भी घायल हुए हैं. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में एंबुलेंस तथा राहत टीमें मौके पर पहुंचीं.
बन्नू के सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई, ताकि घायलों का तुरंत इलाज किया जा सके. अस्पतालों में अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ को भी तैनात किया गया है.
किस संगठन पर है शक?
फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान तालिबान यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े आतंकी समूहों पर शक जता रही हैं.
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और अफगान सीमा से जुड़े इलाकों में सुरक्षाबलों पर कई बड़े हमले हुए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान में बदलते हालात और सीमा पर बढ़ते तनाव का असर पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार देखने को मिल रहा है.