एक हफ्ते में जवाब नहीं दिया तो... भारत ने Apple को दी आखिरी चेतावनी, लग सकता है 3 लाख करोड़ रुपये का जुर्माना

Apple CCI Case: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India-CCI) और अमेरिकी टेक दिग्गज Apple के बीच विवाद अब सार्वजनिक तौर पर एक नए चरण में प्रवेश कर गया है. यह मामला iOS App Store के बिजनेस प्रैक्टिस से जुड़ा है और लंबे समय से CCI की जांच में चल रहा है.

Tech CCI India gives last warning to Apple fine of Rs 3 lakh crore may be imposed
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Apple CCI Case: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India-CCI) और अमेरिकी टेक दिग्गज Apple के बीच विवाद अब सार्वजनिक तौर पर एक नए चरण में प्रवेश कर गया है. यह मामला iOS App Store के बिजनेस प्रैक्टिस से जुड़ा है और लंबे समय से CCI की जांच में चल रहा है.

अब CCI ने Apple को आख़िरी चेतावनी दी है कि अगर कंपनी अगले हफ्ते तक अपना जवाब नहीं देती है, तो आयोग अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए मामला अकेले ही आगे बढ़ा देगा.

2022 से जारी मामला और Apple पर आरोप

मामला 2022 से चल रहा है, जब कुछ भारतीय स्टार्टअप्स और कंपनियों ने CCI में शिकायत दर्ज कराई थी कि Apple अपने App Store के नियमों के जरिए छोटे डेवलपर्स और प्रतियोगियों को नुकसान पहुंचा रहा है. आरोप था कि Apple अपने डोमिनेंट पोज़ीशन का गलत इस्तेमाल कर रहा है और ऐप डेवलपर्स से 15 से 30 प्रतिशत तक कमीशन लेने के अलावा, उन्हें बाहरी पेमेंट लिंक इस्तेमाल करने की भी अनुमति नहीं देता.

CCI ने 2024 में जांच रिपोर्ट जारी की और पाया कि Apple ने वास्तव में अपने प्लेटफॉर्म पर अपनी ताकत का दुरुपयोग किया. आयोग ने तब से Apple को जवाब देने के लिए कई मौके दिए, लेकिन कंपनी की तरफ से लगातार देरी होती रही. अक्टूबर 2024 में भी Apple से कहा गया था कि वह रिपोर्ट पर आपत्तियां और जुर्माने का हिसाब प्रस्तुत करे, लेकिन कंपनी ने समय बढ़ाने के लिए कई अनुरोध किए.

CCI की सख्त चेतावनी और संभावित जुर्माना

अब CCI ने साफ कर दिया है कि और इंतजार नहीं किया जाएगा. अगर Apple ने समय पर जवाब नहीं दिया तो आयोग यूनिलैटरल ऐक्शन ले सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, Apple पर अगर जुर्माना लगाया गया और यह ग्लोबल टर्नओवर के आधार पर हुआ, तो कंपनी को लगभग $38 बिलियन (करीब 3 लाख करोड़ रुपये) का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है. यह Apple जैसी टेक दिग्गज कंपनी के लिए बड़ा आर्थिक झटका होगा.

Apple ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी है और दावा किया है कि जुर्माना केवल भारत में हुए बिजनेस के आधार पर लगाया जाना चाहिए. वहीं, CCI का तर्क है कि ग्लोबल प्लेयर पर स्थानीय नियम लागू करने के लिए उनके ग्लोबल टर्नओवर को भी ध्यान में रखना जरूरी है. इस मामले की अगली कोर्ट सुनवाई 27 जनवरी 2026 को होगी.

CCI क्यों करना चाहती है जुर्माना?

CCI का उद्देश्य स्पष्ट है: बड़ी कंपनियां अपने दबदबे का इस्तेमाल करके छोटे खिलाड़ियों और स्टार्टअप्स के लिए बाजार बंद न कर सकें. Apple के मामले में यह App Store की पॉलिसी से जुड़ा है. iPhone में केवल Apple का ही App Store इस्तेमाल होता है और थर्ड पार्टी ऐप स्टोर की अनुमति नहीं है. साथ ही, डेवलपर्स पर भारी कमीशन और बाहरी पेमेंट लिंक प्रतिबंध जैसी नीतियां छोटे डेवलपर्स को नुकसान पहुंचाती हैं.

अगर CCI Apple पर जुर्माना लगाती है, तो यह न केवल Apple के खिलाफ कार्रवाई होगी, बल्कि भारत में सभी बड़े टेक प्लेटफॉर्म्स के लिए स्पष्ट संदेश होगा कि कोई भी कंपनी भारतीय बाजार में अनियंत्रित दबदबा नहीं बना सकती.

स्टार्टअप्स और डेवलपर्स के लिए बड़ा संकेत

Apple के खिलाफ यह कदम भारतीय स्टार्टअप्स और छोटे डेवलपर्स के लिए उत्साहजनक है. CCI का यह रुख दिखाता है कि भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म और एंटीट्रस्ट कानूनों को गंभीरता से लागू करने को तैयार है. इससे भविष्य में कोई भी ग्लोबल टेक कंपनी भारत में अपने व्यवसायिक नियमों के तहत छोटे खिलाड़ियों को दबाने का जोखिम नहीं लेगी.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल Apple तक सीमित नहीं है. यह पूरे टेक इंडस्ट्री के लिए संदेश है कि भारत में प्रतिस्पर्धा कानून सख्ती से लागू होते रहेंगे और किसी भी बड़े प्लेटफॉर्म को भारतीय बाजार में अपने नियम थोपने की छूट नहीं दी जाएगी.

अदालत और CCI दोनों पर निर्भर भविष्य

Apple ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उसने अपनी बिजनेस पॉलिसी में कोई गलत काम नहीं किया. अब भविष्य अदालत के फैसले और CCI की प्रक्रिया दोनों पर निर्भर है. अगले कुछ हफ्तों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि भारत अपने एंटीट्रस्ट नियमों को कितना सख्ती से लागू करता है और बड़ी टेक कंपनियों को किस हद तक जवाबदेह ठहराता है.

इस पूरे विवाद से यह साफ है कि भारत वैश्विक टेक कंपनियों के सामने अपने नियमों को मजबूती से लागू करने के लिए तैयार है. Apple और CCI के बीच यह टकराव भारतीय डिजिटल और एंटरप्राइज इकोसिस्टम के लिए अहम मोड़ साबित हो सकता है.

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