IND vs ZIM: आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारतीय क्रिकेट टीम ने धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है. जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में टीम इंडिया ने 20 ओवर में 4 विकेट गंवाकर 256 रन बनाकर टी20 विश्व कप के इतिहास में अपना दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाया.
इससे पहले भारत का टी20 विश्व कप में सबसे बड़ा स्कोर 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ 218 रन का था. इस नए प्रदर्शन के साथ भारत ने टी20 विश्व कप में वेस्टइंडीज के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया. वेस्टइंडीज ने इसी टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे के खिलाफ 254 रन बनाए थे, जिसे अब भारत ने 256 रन बनाकर पार कर दिया.
Innings Break!
— BCCI (@BCCI) February 26, 2026
A collective batting effort takes #TeamIndia to their highest-ever total in #T20WorldCup history 💪
Over to the bowling unit now!
Scorecard ▶️ https://t.co/p4GxtxFMLH#MenInBlue | #INDvZIM pic.twitter.com/cFua2U93ke
मैच का हाल
जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया. भारतीय टीम ने शुरुआत में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को भेजा. संजू ने 15 गेंद में 24 रन बनाए और आउट हो गए, लेकिन अभिषेक शर्मा ने पारी को संभालते हुए टीम को बड़ी मदद दी. अभिषेक ने शुरुआत में संभलकर खेलते हुए अपनी रफ्तार पकड़ी और फिर रनों की बरसात शुरू कर दी. उन्होंने 26 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और 30 गेंद में 55 रन बनाकर पवेलियन लौटे.
हार्दिक पांड्या ने भी शानदार पारी खेली. उन्होंने 23 गेंद में नाबाद 50 रन बनाए और पारी की आखिरी गेंद पर चौका जड़कर अपनी फिफ्टी पूरी की. उनकी पारी में 4 छक्के और 2 चौके शामिल थे. वहीं, तिलक वर्मा ने 16 गेंदों में 44 रन बनाकर टीम को आक्रामक गति दी.
टीम की बल्लेबाजी की खासियत
इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता और तेजी सबसे बड़ी खासियत रही. पूरे ओवर में लगातार रन बनाए गए और टीम ने निर्धारित 20 ओवर में विपक्षी टीम को चुनौती देने के लिए एक विशाल स्कोर बोर्ड पर जमा दिया. इस शानदार प्रदर्शन से टीम इंडिया सुपर-8 के अपने अगले मुकाबलों में नॉकआउट राउंड के लिए आत्मविश्वास के साथ उतरेगी.
यह मैच न केवल टीम इंडिया की आक्रामक बल्लेबाजी की ताकत दिखाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारतीय टीम किसी भी स्थिति में बड़े स्कोर बनाने और रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता रखती है.
ये भी पढ़ें- भारतीय अर्थव्यवस्था को टैक्स सुधारों का फायदा, 2027 तक विकास दर पहुंच सकती है 7% से ऊपर