तालिबान ने पहली बार इस्‍लामाबाद पर गिराया बम, वायुसेना ने ड्रोन से किया हमला, डूरंड लाइन पर जंग शुरू

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब नए और खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिख रहा है.

Taliban dropped bomb on Islamabad drone attack durand line battle
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब नए और खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिख रहा है. अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद समेत कई अहम ठिकानों पर ड्रोन के जरिए हवाई हमले किए हैं. यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच लगातार हवाई हमले और सीमा पर झड़पें तेज हो चुकी हैं.

ड्रोन के जरिए हमले का दावा

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सुबह करीब 11 बजे अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले किए. बयान में कहा गया कि इस कार्रवाई में इस्लामाबाद के पास स्थित सैन्य ठिकानों के अलावा फैसलाबाद, जमरुद और एबटाबाद जैसे इलाकों को भी टारगेट किया गया. तालिबान ने दावा किया कि यह अभियान सफल रहा और कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा.

अफगान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में विस्फोटक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, हालांकि इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

पाकिस्तानी हमलों के जवाब में कार्रवाई

तालिबान ने स्पष्ट किया कि यह हमला पाकिस्तान द्वारा किए गए हालिया हवाई हमलों के जवाब में किया गया है. इससे पहले पाकिस्तान की वायुसेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया में कई ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया था. इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ गया.

डूरंड लाइन पर भीषण संघर्ष

सीमा क्षेत्र डूरंड लाइन पर भी हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. तालिबान ने दावा किया है कि उसने झड़पों के दौरान पाकिस्तान के 55 से अधिक सैनिकों को मार गिराया है, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. दूसरी ओर पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज किया है.

खुली जंग जैसे हालात- पाकिस्तानी रक्षा मंत्री

इस पूरे घटनाक्रम के बीच ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि पाकिस्तान का धैर्य अब समाप्त हो चुका है और दोनों देशों के बीच ‘खुली जंग’ जैसी स्थिति बन गई है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद थी कि नाटो बलों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में स्थिरता आएगी, लेकिन हालात इसके विपरीत हो गए हैं.

लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बीच कतर की मध्यस्थता में हुआ संघर्षविराम भी कमजोर पड़ता नजर आ रहा है. हालांकि पाकिस्तान की ओर से ताजा बयान में संघर्षविराम का कोई जिक्र नहीं किया गया है.

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