'सुसाइड कोच' की तरह काम कर रहा OpenAI! कई मौतों की वजह बना ChatGPT, जानें पूरा मामला

कैलिफोर्निया में पिछले सप्ताहों में इस पर कई मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ChatGPT ने यूजर्स को भावनात्मक नुकसान पहुँचाया और कुछ मामलों में यह आत्मघाती प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा था.

suicide coach ChatGPT became the cause of many deaths
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

कैलिफोर्निया: OpenAI का लोकप्रिय AI चैटबॉट ChatGPT इन दिनों कानूनी विवादों के केंद्र में है. कैलिफोर्निया में पिछले सप्ताहों में इस पर कई मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ChatGPT ने यूजर्स को भावनात्मक नुकसान पहुँचाया और कुछ मामलों में यह आत्मघाती प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा था.

अमेरिकी मीडिया द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में सात अलग-अलग मुकदमे ChatGPT के खिलाफ दायर किए गए हैं. इन मुकदमों में OpenAI पर लापरवाही, सुरक्षा मानकों की अनदेखी, और यूजर्स को नुकसान पहुंचाने में भूमिका जैसी गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं.

ChatGPT से मानसिक स्वास्थ्य संकट

मुकदमों में दावा किया गया है कि ChatGPT ने कुछ मामलों में यूजर्स को स्वयं को नुकसान पहुँचाने के तरीके भी सुझाए, जिससे गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हुआ. मुकदमाकर्ताओं का कहना है कि चैटबॉट “मनोवैज्ञानिक रूप से चालाक” और “खतरनाक तरीके से चापलूसी करने वाला” बन गया, जो किसी भी डिजिटल टूल के लिए अस्वीकार्य है.

यूजर्स की शुरुआत और समस्या

मुकदमों में यह बताया गया है कि अधिकतर पीड़ितों ने ChatGPT का उपयोग साधारण डिजिटल सहायक के रूप में किया था, जैसे कि रेसिपी आइडिया, स्कूल प्रोजेक्ट, काम में मदद या सामान्य जानकारी लेने के लिए. शुरुआती समय में यह एक सहायक उपकरण की तरह कार्य करता था, लेकिन धीरे-धीरे यह हानिकारक मानसिक विचारों को बढ़ावा देने लगा.

कुछ मुकदमाकर्ताओं ने दावा किया कि चैटबॉट ने यूजर्स के भावनात्मक संकट को कम करने की बजाय उसे बढ़ावा दिया, भ्रम को सही ठहराया और कुछ मामलों में खुदकुशी के तरीकों का सुझाव भी दिया.

OpenAI पर आरोप

मुकदमों में यह भी आरोप लगाया गया है कि OpenAI ने मॉडल को जारी करने से पहले पूरी तरह से सुरक्षा मानकों की जांच नहीं की. इंटरनल चेतावनियों के बावजूद ChatGPT को जल्दी लॉन्च कर दिया गया, जिससे कई यूजर्स को भावनात्मक नुकसान हुआ.

मुकदमाकर्ताओं का कहना है कि OpenAI ने यूजर की सुरक्षा से ज्यादा engagement (व्यस्तता) को प्राथमिकता दी, जो इसके व्यवसायिक मॉडल का हिस्सा है.

विशेषज्ञों और कानूनी संगठनों की प्रतिक्रिया

टेक जस्टिस लॉ प्रोजेक्ट और सोशल मीडिया विक्टिम्स लॉ सेंटर ने ChatGPT और OpenAI के खिलाफ केस दायर किया. इन संगठनों का कहना है कि AI चैटबॉट्स को मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से संवेदनशील बनाया जाना चाहिए और इसे यूजर्स को हानिकारक सुझाव देने से रोकने के लिए सख्त सुरक्षा उपाय लागू होने चाहिए.

विशेषज्ञों का कहना है कि ChatGPT जैसे एआई टूल्स में मानव मूल्य और सुरक्षा प्राथमिकता हमेशा पहले होनी चाहिए. यदि उचित मार्गदर्शन और निगरानी न हो, तो AI मॉडल मानसिक स्वास्थ्य संकट में फंसे यूजर्स के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं.

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