MP 10th 12th Board Exams guidelines: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने आगामी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए नई गाइडलाइनों का ऐलान किया है, जिनमें नकल और अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि परीक्षा के दौरान किसी विद्यार्थी को नकल करते हुए पकड़ा गया, तो उसे सीधे 3 साल की सजा भुगतनी पड़ेगी. इस कड़े कदम का उद्देश्य परीक्षा के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करना और नकल पर पूरी तरह से लगाम लगाना है.
नकल करने पर मिलेगी जेल की सजा
मध्य प्रदेश बोर्ड की यह नई नीति खासतौर पर नकल को लेकर सख्त है. बोर्ड ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर कोई छात्र नकल करते पकड़ा गया या नकल में किसी भी तरह का सहयोग करता है, तो उसे 3 साल की सजा हो सकती है. यह कदम बोर्ड परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उठाया गया है, ताकि छात्र बिना किसी धोखाधड़ी के अपनी योग्यता साबित कर सकें. इसके साथ ही परीक्षा में सहयोग देने वाले अभिभावकों या अन्य किसी व्यक्ति को भी कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा, जिसमें 5000 रुपये का जुर्माना और 3 साल की जेल हो सकती है.
परीक्षा केंद्र पर लागू सख्त नियम
मध्य प्रदेश बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि अगर किसी परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल की घटना सामने आई, तो पूरे केंद्र की परीक्षा रद्द कर दी जाएगी. नकल करने वाले छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, और उन्हें भविष्य में किसी भी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी. बोर्ड ने इसे लेकर चेतावनी जारी की है कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसे गंभीरता से लिया जाएगा.
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर पाबंदी
गाइडलाइनों में एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया है, जिसके तहत छात्र परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जैसे मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, या नकल करने के लिए किसी अन्य गैजेट का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. बोर्ड ने यह कदम सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया है. इसके अलावा, केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से छात्रों पर निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या अनुशासनहीनता को तुरंत रोका जा सके.
अभिभावकों से अपील
मध्य प्रदेश बोर्ड ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से आयोजित करने के लिए अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की है. बोर्ड का मानना है कि छात्रों और उनके अभिभावकों का पूरा समर्थन ही इस परीक्षा प्रक्रिया को सफल और निष्पक्ष बना सकता है. ऐसे में सभी से आग्रह किया गया है कि वे परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए तैयार रहें.
परीक्षा की तारीखें
मध्य प्रदेश बोर्ड की 10वीं की परीक्षा 13 फरवरी 2026 से शुरू होगी, जबकि 12वीं की परीक्षा 10 फरवरी से प्रारंभ होगी. इन परीक्षाओं के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और बोर्ड ने गाइडलाइनों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों को निर्देश जारी कर दिए हैं.
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