Muhurat Trading 2026: दिवाली के मौके पर रविवार को शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत तेजी के साथ हुई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में खुले. सेंसेक्स 271.32 अंकों की बढ़त के साथ 81,299.34 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 करीब 40 अंक चढ़कर 25,070.45 के स्तर पर पहुंच गया. कारोबार शुरू होने के कुछ ही देर बाद सेंसेक्स की बढ़त 400 अंकों के पार पहुंच गई.
मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान टाटा स्टील, सन फार्मा, अडानी पोर्ट्स और एचडीएफसी बैंक समेत कई कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली. दिवाली के अवसर पर आयोजित यह विशेष कारोबारी सत्र शाम 3:30 बजे तक चलेगा.
शुक्रवार को भी बाजार में आई थी जोरदार तेजी
दिवाली से पहले शुक्रवार को भी शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली थी. सेंसेक्स 1,731 अंकों की बढ़त के साथ 82,364 पर बंद हुआ था. वहीं, निफ्टी 50 भी 493.75 अंक चढ़कर 25,030.35 के स्तर पर पहुंच गया था.
मुहूर्त ट्रेडिंग के पैसों का सेटलमेंट कब होगा?
मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान किए गए सौदों का सेटलमेंट एक्सचेंज के नियमों के अनुसार होगा. एनएसई क्लियरिंग के 21 अक्टूबर के सर्कुलर के मुताबिक, 8 नवंबर को हुए कारोबार का निपटारा सोमवार 9 नवंबर को किया जाएगा.
इसके लिए शाम 4:30 बजे पे-इन और रात 9 बजे पे-आउट का समय तय किया गया है. यानी निवेशकों के शेयर और पैसों का लेनदेन T 1 सेटलमेंट नियम के तहत पूरा होगा.
क्या होती है मुहूर्त ट्रेडिंग?
मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली के दिन शेयर बाजार में होने वाला एक खास कारोबारी सत्र है. इसे हर साल लक्ष्मी पूजा के अवसर पर आयोजित किया जाता है. इसी दिन हिंदू कैलेंडर के नए संवत वर्ष की शुरुआत भी होती है.
भारतीय निवेशक इस दिन को कारोबार की शुरुआत के लिए शुभ मानते हैं. कई लोग मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान नए शेयर खरीदते हैं और निवेश की शुरुआत करते हैं. हालांकि, यह भी सामान्य शेयर बाजार की तरह ही होता है और इसमें निवेश पर बाजार का जोखिम बना रहता है.
दिवाली से पहले बाजार में आई रिकॉर्ड तेजी
दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार में लगातार सात कारोबारी दिनों तक तेजी दर्ज की गई थी. इस दौरान सेंसेक्स में 10.6 फीसदी यानी 7,782 अंकों की बढ़त आई. इसे पिछले 35 वर्षों में दिवाली से पहले की सबसे बड़ी तेजी बताया जा रहा है.
वहीं, निफ्टी में भी इस दौरान 10.27 फीसदी का उछाल आया. बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब 29.57 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ.