भारतीय सेना ने आधुनिक युद्ध और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं में एक और अहम इजाफा किया है. सैनिकों की सुरक्षा बढ़ाने और जोखिम भरे इलाकों में ऑपरेशन को आसान बनाने के उद्देश्य से सेना ने रोबोटिक डॉग्स को तैनात किया है. इन अत्याधुनिक मशीनों को मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट सिस्टम (MULES) नाम दिया गया है.
ये रोबोटिक डॉग्स देखने में असली कुत्तों जैसे लगते हैं और उसी तरह चलने, दौड़ने और संतुलन बनाने में सक्षम हैं. इनका इस्तेमाल खासतौर पर उन जगहों पर किया जाएगा, जहां मानव सैनिकों के लिए पहुंचना जोखिम भरा होता है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
भारतीय सेना द्वारा साझा किया गया रोबोटिक डॉग्स का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि ये रोबोटिक डॉग्स सेना के जवानों के साथ पूरी तालमेल में मार्च करते नजर आ रहे हैं. इनकी चाल और संतुलन देखकर साफ है कि इन्हें कठिन से कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार किया गया है.
Indian Army's Special Robotic Dog 🔥
— SansadTV (@sansad_tv) January 5, 2026
The Indian Army's robotic dogs, known as Multi-Utility Legged Equipment (MULES), are designed to enhance operational efficiency and reduce risks to soldiers in challenging environments#indianarmy @adgpi pic.twitter.com/648h8YbdNd
वीडियो ने लोगों के बीच उत्साह पैदा कर दिया है और इसे भारतीय सेना की तकनीकी ताकत का प्रतीक माना जा रहा है.
क्या है MULES की खासियत?
मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट सिस्टम यानी MULES को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ये कई तरह के सैन्य कार्यों में मदद कर सकें. ये रोबोटिक डॉग्स:
इनका सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये जवानों को सीधे खतरे में जाने से बचा सकते हैं.
सैनिकों की सुरक्षा में होगा बड़ा योगदान
सेना के अधिकारियों के अनुसार, इन रोबोटिक डॉग्स का मुख्य उद्देश्य सैनिकों के लिए जोखिम को कम करना है. सीमावर्ती क्षेत्रों, आतंकवाद-रोधी अभियानों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान ये मशीनें बेहद कारगर साबित हो सकती हैं. भविष्य में इन्हें और अधिक उन्नत तकनीक से लैस करने की योजना भी है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक आधुनिक सेनाओं के लिए अनिवार्य होती जा रही है और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
श्रीलंका में मानवीय सहायता में भी भारतीय सेना
इसी बीच भारतीय सेना ने पड़ोसी देश श्रीलंका में भी अपनी मानवीय भूमिका को मजबूत किया है. हाल ही में आए भीषण चक्रवात के कारण श्रीलंका के कई हिस्सों, विशेषकर जाफना क्षेत्र में सड़क और आवागमन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई थी.
भारतीय सेना के इंजीनियरों ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत वहां क्षतिग्रस्त सड़कों को फिर से चालू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस अभियान में भारतीय सेना ने श्रीलंकाई सेना और रोड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RDA) के साथ मिलकर काम किया.
‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत सहयोग
श्रीलंका में की गई यह सहायता भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को दर्शाती है. भारतीय सेना ने आपदा प्रभावित इलाकों में संचार मार्ग बहाल कर स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को सामान्य बनाने में मदद की.
सेना के अनुसार, इस तरह की मानवीय सहायता भारत और श्रीलंका के बीच सहयोग और विश्वास को और मजबूत करती है.
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