Sourav Ganguly Threat: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद कोलकाता में हड़कंप मच गया है. गांगुली के कार्यालय में सोमवार, 10 अगस्त को ऐसी चिट्ठियां पहुंचीं, जिनमें उन्हें और उनकी पत्नी डोना गांगुली को गंभीर नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए गांगुली ने पुलिस से संपर्क किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, धमकी भरी चिट्ठियां पिछले कुछ महीनों से गांगुली तक पहुंच रही थीं, लेकिन सोमवार को मिले नए पत्रों के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को इसकी जानकारी दी गई.
करीब छह महीने से मिल रही थीं धमकी भरी चिट्ठियां
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सौरव गांगुली की ओर से दक्षिण कोलकाता के ठाकुरपुकुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है. शिकायत में पिछले कई महीनों से मिल रही धमकी भरी चिट्ठियों का जिक्र किया गया है. बताया जा रहा है कि करीब छह महीने से गांगुली के नाम पर इस तरह के पत्र भेजे जा रहे थे. शुरुआत में इन धमकियों को बहुत गंभीरता से नहीं लिया गया, लेकिन जब लगातार ऐसे पत्र आने लगे तो परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई. सोमवार को गांगुली के कार्यालय में दो और चिट्ठियां पहुंचीं, जिनमें उन्हें और उनकी पत्नी डोना को जान से मारने की धमकी दी गई थी.
परिवार के करीबियों को भी नुकसान पहुंचाने की धमकी
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, धमकी सिर्फ सौरव गांगुली और उनकी पत्नी तक सीमित नहीं थी. पत्रों में गांगुली परिवार के करीबियों को भी नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी. इस वजह से पुलिस अब मामले को गंभीर सुरक्षा खतरे के तौर पर देख रही है. गांगुली ने अपने मैनेजर के माध्यम से पुलिस को शिकायत दी है. शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने धमकी भरे पत्रों को जांच का अहम हिस्सा बनाया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इन पत्रों के पीछे कौन है और ऐसा करने की वजह क्या है.
बेलघरिया से भेजे जाने का शक
कोलकाता पुलिस की शुरुआती जांच में एक अहम सुराग सामने आया है. पुलिस को संदेह है कि धमकी भरी चिट्ठियां उत्तर 24 परगना जिले के बेलघरिया इलाके से कूरियर के जरिए गांगुली के कार्यालय भेजी गई थीं. जांच एजेंसियां अब पत्रों की जांच के साथ-साथ उन्हें भेजने के तरीके और कूरियर से जुड़े विवरणों को खंगाल रही हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चिट्ठियां किसने भेजीं, उन्हें किस माध्यम से कार्यालय तक पहुंचाया गया और इसके पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका है या नहीं.
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरे पत्रों में लिखी बातों और उनमें मौजूद अन्य जानकारियों की बारीकी से जांच की जा रही है. इसके साथ ही पत्र भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने और धमकी के पीछे के संभावित मकसद का पता लगाने की कोशिश जारी है. गांगुली की सार्वजनिक पहचान और उनकी हाई-प्रोफाइल प्रोफाइल को देखते हुए पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है. फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और धमकी देने वाले व्यक्ति के बारे में पुलिस की ओर से कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है.
क्रिकेट करियर के दौरान भी मिल चुकी हैं धमकियां
सौरव गांगुली को धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है. उनके क्रिकेट करियर के दौरान भी उन्हें धमकियां मिल चुकी हैं. खासतौर पर 2000 के शुरुआती वर्षों में भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी संभालने के दौरान गांगुली और महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को भी धमकियों का सामना करना पड़ा था. उस दौर में अंडरवर्ल्ड और आतंकी संगठनों की ओर से दोनों खिलाड़ियों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई थीं. सुरक्षा चिंताओं के कारण लंबे समय तक दोनों क्रिकेटरों को सरकार की ओर से जेड कैटेगरी की सुरक्षा भी प्रदान की गई थी.
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