उत्तर प्रदेश में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान खुशियों का माहौल उस वक्त मातम में बदल गया, जब तीन अलग-अलग जिलों में डूबने की घटनाएं सामने आईं. प्रयागराज, फतेहपुर और गोंडा में नदी और तालाब में डूबने से छह लोगों की जान चली गई. इन हादसों में किशोरों से लेकर युवकों तक की मौत हुई है. वहीं, गोंडा में दो लोगों के लापता होने के बाद उनकी तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है. घटनाओं के बाद मृतकों के परिवारों में शोक की लहर है.
प्रयागराज में टोंस नदी ने ली दो युवकों की जान
प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान टोंस नदी में डूबने से दो युवकों की मौत हो गई. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय मछुआरों तथा गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू किया. कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों युवकों को नदी से बाहर निकाला गया. उन्हें कौंधियारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. मृतकों की पहचान राहुल पांडेय और अमित कुमार के रूप में हुई है.
फतेहपुर में तालाब में डूबे पांच किशोर, तीन की मौत
फतेहपुर जिले के खागा क्षेत्र में भी विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा हुआ. बैजूपुर मजरे कटोघन में तालाब में पांच किशोर डूब गए. घटना के बाद स्थानीय स्तर पर बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें दो किशोरों को सुरक्षित बचा लिया गया. वहीं, तीन अन्य को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी. मृतकों की पहचान आदित्य, साजन और अभिमन्यु के रूप में हुई है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है.
गोंडा में पांच लोग पानी में डूबे, दो अब भी लापता
गोंडा जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र के भैरमपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पांच लोगों के पानी में डूबने की घटना सामने आई. हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. इसके अलावा दो लोग लापता हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है. स्थानीय प्रशासन और बचाव दल की कोशिशों के बीच लापता लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. इस घटना ने मृतक के परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है.
तीन जिलों में हादसों से पसरा मातम
प्रयागराज, फतेहपुर और गोंडा में हुए इन हादसों में कुल छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि गोंडा में दो लोग अभी लापता हैं. जिन परिवारों ने धार्मिक उत्सव के दौरान अपनों के साथ समय बिताने की उम्मीद की थी, वे अब अपनों को खोने के गम से जूझ रहे हैं. लगातार सामने आई इन घटनाओं ने प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा इंतजामों और सतर्कता की अहमियत को फिर सामने ला दिया है.
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