Kal Ka Mausam 21 October: देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है. कहीं तेज बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है, तो कहीं आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार 21 अक्टूबर को दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, मध्य भारत और कुछ तटीय इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. समुद्री क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने की आशंका है, जिसके चलते मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश का अलर्ट
दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की सक्रियता के कारण बारिश का असर बढ़ सकता है. मौसम विभाग ने 21 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश होने की संभावना है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. इस दौरान बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की आशंका भी बनी रहेगी.
मध्य प्रदेश और तेलंगाना में आंधी-बारिश के आसार
दक्षिण भारत के अलावा मध्य प्रदेश और तेलंगाना समेत कई क्षेत्रों में मौसम अस्थिर रह सकता है. IMD के अनुसार, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और केरल के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. इन इलाकों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. मौसम में इस बदलाव से कुछ क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आ सकती है, वहीं अचानक होने वाली बारिश से लोगों को आवागमन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
कर्नाटक में बिजली गिरने की आशंका
कर्नाटक के तटीय और आंतरिक हिस्सों में भी 21 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है. खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में रहने और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना जरूरी है. बिजली कड़कने पर सुरक्षित इमारत के अंदर शरण लेना बेहतर होगा. मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है.
अरब सागर में तेज हवाओं का खतरा
अरब सागर के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है. यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है. समुद्र में तेज हवाओं और उबड़-खाबड़ परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों तथा छोटी नौकाओं के संचालकों को प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है. समुद्र तट के आसपास रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहना चाहिए और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए.
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