India Hit Pak Nuclear Sites: ऑपरेशन सिंदूर को एक वर्ष पूरा हो चुका है, लेकिन इसकी चर्चा अब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी है. वैश्विक सुरक्षा और परमाणु हथियारों पर नजर रखने वाली संस्था SIPRI (स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट) की ताजा रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य घटनाक्रम का उल्लेख किया गया है.
ऑपरेशन सिंदूर में अहम ठिकानों को बनाया गया था निशाना
रिपोर्ट के अनुसार, मई 2025 में चले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था. इनमें ऐसे एयरबेस और मिसाइल प्रतिष्ठान शामिल बताए गए हैं, जिनका संबंध पाकिस्तान की रणनीतिक और परमाणु क्षमताओं से माना जाता है.
ऑपरेशन के दौरान सामने आए कुछ वीडियो और रिपोर्टों में किराना हिल्स क्षेत्र का भी जिक्र हुआ था. सुरक्षा मामलों के जानकार लंबे समय से इस इलाके को पाकिस्तान की रणनीतिक सैन्य गतिविधियों से जोड़कर देखते रहे हैं. इसके अलावा रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस का नाम भी चर्चाओं में रहा.
SIPRI ने जारी किए नए आंकड़े
SIPRI की वर्ष 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास अनुमानित रूप से 190 परमाणु हथियार हैं. वहीं पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की संख्या करीब 170 बताई गई है. हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण हालात के बावजूद संघर्ष परमाणु स्तर तक नहीं पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित रखा गया.
परमाणु तनाव नहीं बढ़ा
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि सैन्य कार्रवाई के दौरान भारत और पाकिस्तान ने परमाणु टकराव की दिशा में कोई कदम नहीं बढ़ाया. विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों ने स्थिति को सीमित दायरे में रखने का प्रयास किया, जिससे बड़े स्तर के संकट को टाला जा सका.
भारत की रणनीतिक क्षमता पर चर्चा
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की सैन्य और रणनीतिक क्षमताओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा हुई थी. रिपोर्ट में भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और सुरक्षा ढांचे का भी उल्लेख किया गया है.
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के वर्षों में भारत ने अपनी पारंपरिक और रणनीतिक सैन्य ताकत को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है, जिसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों में भी दिखाई दे रहा है.
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