कश्मीर, ऑपरेशन सिंदूर से लेकर सिंधु जल संधि तक... UNGA में शहबाज शरीफ ने फिर अलापा पुराना राग, Video

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत से जुड़े कई मुद्दे उठाए. अपने भाषण में उन्होंने सिंधु जल संधि, मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव, ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका और कश्मीर का जिक्र किया.

Shehbaz Sharif at the UNGA Indus Water Treaty Kashmir India Pak War
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत से जुड़े कई मुद्दे उठाए. अपने भाषण में उन्होंने सिंधु जल संधि, मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव, ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका और कश्मीर का जिक्र किया. शरीफ ने भारत के खिलाफ कई आरोप लगाए और सिंधु नदी के पानी को लेकर भी सख्त बयान दिया.

1- सिंधु जल संधि पर क्या बोले शहबाज

शहबाज शरीफ ने कहा कि अगर भारत पाकिस्तान के हिस्से के सिंधु नदी के पानी को रोकने, उसका रास्ता बदलने या उसमें किसी तरह की रुकावट डालने की कोशिश करता है तो इसे पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई मानेगा. उन्होंने सिंधु नदी को पाकिस्तान और पूरे क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी बताया.

शरीफ ने यह भी कहा कि सिंधु जल संधि को रोकने का भारत का फैसला कानूनी आधार नहीं रखता. उन्होंने पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं करने की बात कही और कहा कि नदियां देशों को जोड़ने और विकास में मदद करने का काम करें.

2- भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव का जिक्र

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार दिन के सैन्य टकराव को भी अपने भाषण में शामिल किया. उन्होंने इसे भारत की ओर से किया गया हमला बताया और कहा कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल किया.

भारत का कहना रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था. शहबाज ने अपने भाषण में इस पूरे घटनाक्रम को पाकिस्तान के नजरिए से पेश किया.

3- असीम मुनीर की तारीफ

शहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी सेना की भी तारीफ की. उन्होंने फील्ड मार्शल असीम मुनीर के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना ने मई 2025 के टकराव के दौरान जवाब दिया. उन्होंने इसे पाकिस्तान की सैन्य क्षमता और नेतृत्व की सफलता के तौर पर पेश किया.

4- ट्रंप को दिया युद्ध रोकने का क्रेडिट

शहबाज शरीफ ने भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए टकराव को रोकने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका का भी जिक्र किया. उन्होंने ट्रंप के हस्तक्षेप को अहम बताते हुए कहा कि इससे दक्षिण एशिया में बड़े नुकसान को टालने में मदद मिली.

शरीफ ने कहा कि भविष्य में दक्षिण एशिया को दोबारा ऐसी स्थिति तक पहुंचने से रोकना जरूरी है. उन्होंने क्षेत्र में शांति बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया.

5- कश्मीर का भी उठाया मुद्दा

शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए कश्मीर विवाद का समाधान जरूरी है. उन्होंने कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार की बात दोहराई और पाकिस्तान के समर्थन को जारी रखने की बात कही.

शरीफ ने कश्मीर को पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए भारत पर कई आरोप भी लगाए. वहीं भारत लंबे समय से कश्मीर पर पाकिस्तान के दावों को खारिज करता रहा है. भारत का आधिकारिक रुख है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है. संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर भी आरोप लगाए हैं.