संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA का मंच एक बार फिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भारत-केंद्रित भाषण का गवाह बना. करीब 23 मिनट के भाषण में उन्होंने कश्मीर, सिंधु जल संधि, 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष और आतंकवाद समेत कई मुद्दे उठाए. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में पाकिस्तान की भूमिका का भी जिक्र किया.
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में पाकिस्तान के सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल असीम मुनीर की भी कई बार तारीफ की. उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान हस्तक्षेप के लिए धन्यवाद दिया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने देश को क्षेत्र में शांति की कोशिश करने वाले देश के तौर पर पेश किया.
मुनीर की तारीफ और पाकिस्तान की कूटनीति
शहबाज शरीफ ने पश्चिम एशिया के तनाव का जिक्र करते हुए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में पाकिस्तान की भूमिका को खास तौर पर सामने रखा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने दोनों पक्षों को इस्लामाबाद में बातचीत की मेज पर लाने में भूमिका निभाई और इसके बाद इस्लामाबाद समझौते की दिशा में कदम बढ़े.
इस दौरान उन्होंने असीम मुनीर की भी जमकर तारीफ की. शहबाज ने उनके प्रयासों को कूटनीति के लिए जगह बनाने वाला बताया. भाषण में मुनीर का बार-बार जिक्र यह दिखाता रहा कि पाकिस्तान अपने सैन्य नेतृत्व की भूमिका को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रमुखता से पेश करना चाहता है.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ट्रंप का जिक्र
भारत-पाकिस्तान के बीच 2025 में हुए सैन्य टकराव का मुद्दा भी शहबाज शरीफ के भाषण में प्रमुख रहा. उन्होंने पाकिस्तान की कार्रवाई को आत्मरक्षा बताया और सेना की भूमिका की तारीफ की. साथ ही उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को उस समय हस्तक्षेप करने के लिए धन्यवाद दिया.
Pakistan’s PM Shehbaz Sharif on Trump: Thanks to President Donald Trump's resolute and visionary leadership, hundreds of millions of lives in South Asia were saved. His timely intervention came at a decisive juncture when two nuclear-armed neighbors stood at the brink of an all-out war. And who knows the extent of devastation that could have taken place had President Trump not stepped in at this critical moment with clarity of thought and action. We must therefore ensure that South Asia never reaches that precipice ever again.
— Clash Report (@clashreport) September 25, 2026
शहबाज ने कहा कि उस समय दोनों परमाणु शक्ति वाले देशों के बीच स्थिति बेहद गंभीर थी और ट्रंप के हस्तक्षेप से तनाव कम करने में मदद मिली. भारत की ओर से तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को पहले खारिज किया गया है. भारत का कहना रहा है कि मई 2025 में दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर सीधी बातचीत हुई थी.
कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा
UNGA के मंच से शहबाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया. उन्होंने कश्मीर विवाद के समाधान को दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए जरूरी बताया और संयुक्त राष्ट्र के पुराने प्रस्तावों का भी जिक्र किया.
इसके बाद उन्होंने सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाते हुए भारत के फैसले पर आपत्ति जताई. शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, उसमें रुकावट डालने या उसे मोड़ने की किसी भी कोशिश को पाकिस्तान गंभीरता से लेगा. उन्होंने सिंधु नदी को पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं करने की बात कही.
जलवायु परिवर्तन के नाम पर फंड की मांग
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में जलवायु परिवर्तन का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का वैश्विक उत्सर्जन में हिस्सा बहुत कम है, लेकिन इसके बावजूद देश को जलवायु परिवर्तन के गंभीर असर झेलने पड़ रहे हैं.
उन्होंने विकसित देशों से जलवायु वित्त उपलब्ध कराने की मांग की और कहा कि विकासशील देशों को जलवायु संकट से निपटने के लिए तेजी से वित्तीय मदद मिलनी चाहिए. पाकिस्तान पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जलवायु नुकसान और उसके लिए फंडिंग का मुद्दा उठाता रहा है.
अफगानिस्तान और टीटीपी का भी उठाया मुद्दा
शहबाज शरीफ ने अफगानिस्तान का जिक्र करते हुए पाकिस्तान में होने वाले आतंकवादी हमलों की बात भी की. उन्होंने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान की जमीन से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP के आतंकियों की गतिविधियां पाकिस्तान के लिए खतरा बनी हुई हैं.
अपने भाषण में शहबाज ने इसके अलावा गाजा, पश्चिम एशिया का तनाव, इस्लामोफोबिया और संयुक्त राष्ट्र में सुधार जैसे मुद्दों पर भी पाकिस्तान का पक्ष रखा. इस तरह उनका पूरा भाषण क्षेत्रीय सुरक्षा, कश्मीर, पानी, जलवायु और पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका के इर्द-गिर्द रहा.
कुल मिलाकर, UNGA में शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान के पक्ष को सामने रखते हुए भारत के साथ विवादित मुद्दों को फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया. कश्मीर और सिंधु जल संधि के साथ उन्होंने 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष में पाकिस्तान की भूमिका, ट्रंप के हस्तक्षेप और असीम मुनीर की भूमिका को भी अपने भाषण का अहम हिस्सा बनाया.
ये भी पढ़ें- UN में पाकिस्तान के आरोपों पर भारत ने दिया जवाब, ओसामा बिन लादेन का नाम लेकर शहबाज शरीफ को धोया, Video