Shani Sade Sati Upay: साढ़ेसाती में नहीं सताएंगे शनिदेव! शनिवार को करें ये 5 आसान उपाय

Shani Sade Sati Remedies: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, साढ़ेसाती के दौरान शिव पूजा, हनुमान चालीसा, जरूरतमंदों को दान और पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने जैसे उपाय शनिदेव की कृपा पाने में सहायक माने जाते हैं.

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Shani Sade Sati Upay: ‘शनि की साढ़ेसाती’ का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है. माना जाता है कि इस दौरान जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं और कामों में रुकावट आने लगती है. हालांकि, ज्योतिष शास्त्र में साढ़ेसाती को केवल कठिनाइयों का दौर नहीं माना गया है. यह व्यक्ति को उसके कर्मों का एहसास कराने और जीवन की कई महत्वपूर्ण सीख देने वाला समय भी हो सकता है.

कर्मों के अनुसार फल देते हैं शनिदेव

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि देव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता कहा जाता है. यानी व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल प्राप्त होता है. ऐसे में ईमानदारी से जीवन जीने और किसी का अहित न करने वाले व्यक्ति के लिए शनि की साढ़ेसाती हमेशा परेशानी का कारण बने, ऐसा जरूरी नहीं है. मान्यता है कि अच्छे कर्म करने वालों पर शनिदेव की कृपा भी बनी रहती है.

अगर कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है और जीवन में लगातार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, तो कुछ धार्मिक उपाय किए जा सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही पांच आसान उपायों के बारे में.

शिव जी की करें आराधना

धार्मिक मान्यताओं में भगवान शिव को शनिदेव का गुरु बताया गया है. ऐसे में साढ़ेसाती के दौरान महादेव की पूजा करना शुभ माना जाता है. रोजाना शिवलिंग पर जल अर्पित करने के साथ ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है और शनि के नकारात्मक प्रभाव को कम करने की मान्यता है.

हनुमान जी की पूजा से मिलता है सहारा

शनिदेव और हनुमान जी से जुड़ी कई धार्मिक कथाएं प्रचलित हैं. मान्यता है कि बजरंगबली के भक्तों पर शनिदेव की विशेष कृपा रहती है. मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है. श्रद्धा के साथ हनुमान जी की पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होने की धार्मिक मान्यता है.

बेजुबान जीवों की करें सेवा

शनिवार के दिन पशु-पक्षियों को भोजन कराना भी शनि से जुड़े उपायों में शामिल है. काले कुत्ते, गाय और पक्षियों को खाना खिलाने के साथ चींटियों को आटा या चीनी डालना भी शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जीवों की सेवा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है.

जरूरतमंदों को करें दान

शनि की साढ़ेसाती के दौरान दान-पुण्य को भी महत्वपूर्ण माना जाता है. शनिवार के दिन जरूरतमंद व्यक्ति को काले कपड़े, उड़द की दाल, सरसों का तेल या जूते-चप्पल दान किए जा सकते हैं. मान्यता है कि दान हमेशा बिना किसी दिखावे और स्वार्थ के करना चाहिए. इससे शनि देव की कृपा प्राप्त होती है.

पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं दीपक

शनिवार की शाम सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाना शनि से जुड़े प्रमुख उपायों में माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और जीवन में चल रही बाधाएं कम हो सकती हैं. श्रद्धा और नियमितता के साथ किया गया यह उपाय विशेष फलदायी माना जाता है.

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