जम्मू-कश्मीर के नक्शे को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद एक बार फिर सामने आ गया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने समान क्षेत्रफल वाले विश्व मानचित्र से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर अपना रुख साफ किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया है. उन्होंने साफ किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत भारत के सभी संप्रभु इलाकों को भारत के आधिकारिक नक्शे के अनुसार ही दिखाया जाना चाहिए. भारत किसी भी गलत या भ्रामक नक्शे को स्वीकार नहीं करेगा.
भारत के इस रुख के बाद पाकिस्तान की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता और राजदूत सज्जाद हैदर खान ने भारत के दावों को आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया.
पाकिस्तानी प्रवक्ता ने भारत के दावे को नकारा
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सज्जाद हैदर खान ने कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर भारत के उन दावों को पूरी तरह खारिज करता है, जो उसके मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माने गए तथ्यों के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि भारत की एकतरफा कार्रवाई और कथित कब्जे से जम्मू-कश्मीर की विवादित स्थिति नहीं बदल सकती.
जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान ने क्या कहा?
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पुराने और अब तक हल नहीं हुए विवादों में शामिल है. उनके मुताबिक संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों में इस मुद्दे के समाधान की बात कही गई है.
🔊PR No.2️⃣3️⃣8️⃣/2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣
— Ministry of Foreign Affairs - Pakistan (@ForeignOfficePk) September 7, 2026
Statement by the Spokesperson
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उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर के अंतिम फैसले में कश्मीरी लोगों की इच्छा को ध्यान में रखा जाना चाहिए और इसके लिए संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए.
'भारत के नक्शे से स्थिति नहीं बदलेगी'
पाकिस्तान ने अपने बयान में संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक नक्शों का भी जिक्र किया. सज्जाद हैदर खान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के नक्शों में जम्मू-कश्मीर को विवादित क्षेत्र के तौर पर दिखाया गया है और पाकिस्तान के मुताबिक यही उसकी मौजूदा कानूनी स्थिति को दर्शाता है.
उन्होंने कहा कि भारत के आधिकारिक नक्शे या क्षेत्र पर उसके दावों से जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की अपील
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन को रोकने के लिए कदम उठाए. साथ ही पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार कश्मीरी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करने की मांग की.
भारत ने नए विश्व मानचित्र पर क्या कहा?
दरअसल, भारत ने दुनिया के नए नक्शे को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत भारत का पूरा क्षेत्र भारत के आधिकारिक नक्शे के अनुसार ही दिखाया जाना चाहिए. मंत्रालय ने साफ कहा कि भारत के क्षेत्र को किसी गलत या भ्रामक तरीके से दिखाना स्वीकार नहीं किया जाएगा. भारत ने यह भी कहा कि उसकी सीमाओं और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं हो सकता.
Our response to media queries regarding a UN General Assembly resolution on equal-area world map ⬇️
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) September 6, 2026
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विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत ने संयुक्त राष्ट्र के उस प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया, जिसमें दुनिया के देशों और महाद्वीपों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के करीब दिखाने वाले समान क्षेत्रफल के नक्शे को बढ़ावा देने की बात कही गई है. हालांकि, भारत ने साफ किया कि इस वोट का मतलब किसी खास नक्शे को मंजूरी देना नहीं है.
रणधीर जायसवाल ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 'करेक्ट द मैप' प्रस्ताव को लेकर कहा कि इसका उद्देश्य समान क्षेत्रफल वाले नक्शे के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. ऐसे नक्शों में महाद्वीपों और अलग-अलग क्षेत्रों का आकार उनके वास्तविक क्षेत्रफल के करीब दिखाया जाता है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव किसी खास विश्व मानचित्र को अपनाने या उसे सही ठहराने से जुड़ा नहीं है. इसका अंतरराष्ट्रीय सीमाओं, विवादित क्षेत्रों या किसी जगह के नाम से भी कोई संबंध नहीं है.
जायसवाल ने बताया कि भारत ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया और अपने वोट की वजह भी स्पष्ट की. भारत ने कहा कि प्रस्ताव का समर्थन करने का मतलब किसी खास नक्शे, नक्शे के तरीके या राष्ट्रीय सीमाओं के चित्रण का समर्थन करना नहीं है.
'गलत या भ्रामक नक्शा स्वीकार नहीं'
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत के संप्रभु क्षेत्र, जिसमें जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख भी शामिल हैं, उन्हें भारत के आधिकारिक नक्शे के अनुसार ही दिखाया जाना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि भारत के क्षेत्र का कोई भी गलत या भ्रामक चित्रण स्वीकार नहीं किया जाएगा.
भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को लेकर उसका रुख पूरी तरह साफ है.
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