सिक्किम की सड़कों पर दिखी "Russian Avtoros Shaman", खासियत जानकर हैरान रह जाएंगे आप

AVTOROS SHAMAN 8x8: सोचिए अगर आपके सामने कोई ऐसी गाड़ी खड़ी हो, जो दिखने में किसी टैंक से कम न हो और जिसे देखकर बच्चों से लेकर बड़ों तक की आंखें फटी रह जाएं—तो क्या आप नजरें हटा पाएंगे?

Russian Avtoros Shaman 8x8 seen on the streets of Sikkim know its speciality
Image Source: Social Media/ Screengrab

AVTOROS SHAMAN 8x8: सोचिए अगर आपके सामने कोई ऐसी गाड़ी खड़ी हो, जो दिखने में किसी टैंक से कम न हो और जिसे देखकर बच्चों से लेकर बड़ों तक की आंखें फटी रह जाएं—तो क्या आप नजरें हटा पाएंगे?

ऐसी ही एक गाड़ी इन दिनों सोशल मीडिया पर धूम मचा रही है. यह कोई आम SUV नहीं, बल्कि एक 8x8 मॉन्स्टर व्हीकल है, जिसे देखकर आप भी कहेंगे, "वाहन नहीं, हथियार है ये!"

इस गाड़ी का नाम है Avtoros Shaman 8x8, और यह जितनी दिखने में दमदार है, उतनी ही खासियतों से भी भरी हुई है. आइए जानें आखिर क्या है इस 'सुपर गाड़ी' की कहानी और क्यों सोशल मीडिया पर ये बन गई है चर्चा का विषय.

कहां दिखा ये महाकाय वाहन?

वायरल वीडियो के अनुसार, यह गाड़ी भारत के सिक्किम में देखी गई है. बर्फीले पहाड़ों और ऊंचे दर्रों के बीच, यह गाड़ी किसी राक्षसी ट्रक जैसी नज़र आ रही है. असल में, यह रूस में बनी एक स्पेशल ऑफ-रोड गाड़ी है, जो बर्फ, कीचड़ और यहां तक कि पानी में भी आसानी से चल सकती है.

क्या है इसकी सबसे बड़ी खासियत?

8x8 ड्राइव: इसका मतलब, आठों टायर ड्राइविंग में शामिल होते हैं.

वाटर-फ्रेंडली: यह गाड़ी सिर्फ ज़मीन ही नहीं, बल्कि पानी में भी चल सकती है, यानी एक तरह से ये आधा ट्रक, आधा बोट है!

स्पेशल स्टीयरिंग सिस्टम: इसमें तीन मोड हैं 

फ्रंट स्टीयरिंग मोड (सामान्य ड्राइव के लिए)

रियर स्टीयरिंग मोड (शार्प टर्न्स के लिए)

क्रैब मोड (गाड़ी साइड में चल सकती है)

कितना बड़ा है ये दानव?

लंबाई: 6,300 mm

चौड़ाई: 2,500 mm

ऊँचाई: 2,700 mm

वजन: 4,800 किलो

ग्राउंड क्लीयरेंस: 450 mm

इसका आकार देखकर आम SUVs इसके सामने खिलौना लगेंगी.

इंजन और ताकत

इस सुपर मशीन में लगा है:

इवेको का 3.0-लीटर टर्बो-डीज़ल इंजन

146 बीएचपी की ताकत

352 एनएम टॉर्क

यानि पहाड़ हो या पानी, इसे रोक पाना मुश्किल है.

टायर भी खास हैं!

कम दबाव वाले विशेष टायर इसमें लगे हैं जिन्हें ड्राइवर अंदर से ही एडजस्ट कर सकता है, यानी सफर के हिसाब से हवा कम या ज़्यादा की जा सकती है.

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