गोरखपुर से भाजपा सांसद और फ़िल्मी चेहरे रवि किशन के नाम पर मिली जानलेवा धमकी ने राजनीति और आम लोगों के बीच हलचल मचा दी है. बिहार के चुनाव प्रचार के बीच आए इस घटनाक्रम के बाद सांसद ने स्वयं प्रतिक्रिया दी और कहा कि वे डरकर पीछे नहीं हटेंगे उनका प्रचार जारी रहेगा और वे अपने अटल विश्वास के साथ राज्य में लोगों से मिलने जाएंगे.
रवि किशन ने इस मामले पर सीधे कहा कि उन्हें किसी की धमकियों से डराने की कोशिश बेअसर है. उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा, “मैं महादेव का भक्त हूँ और उनकी रक्षा में हूं जो मेरे साथ है, उसके खिलाफ कोई काम नहीं कर सकता. बिहार में मेरा प्रचार जारी रहेगा. 14 नवंबर को NDA को भारी बहुमत से जीतना चाहिए और मैं इसके लिए पूरी ताकत लगाऊंगा.
खेसारी लाल यादव का समर्थक बता रहा है खुद को आरोपी
जानलेवा धमकी देने वाला व्यक्ति खुद को खेसारी लाल यादव का समर्थक बता रहा है. पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी ने गोरखपुर सांसद को धमकाने के लिए उनके निजी सचिव को फोन किया और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए यह कहा कि अगर चार दिन बाद रवि किशन बिहार आएँ तो उन्हें गोली मार दी जाएगी. घटना के संबंध में मिलने वाले कॉल रिकॉर्ड और प्रस्तुतियों से यह पता चला है कि आरोपी आरा जिले के जवनिया गाँव का निवासी अजय कुमार यादव है.
सचिव से बातचीत के दौरान भड़का आरोपी
जब सांसद के निजी सचिव ने आरोपी को समझाने की कोशिश की और कहा कि रवि किशन ने कभी किसी समुदाय के खिलाफ अपशब्द नहीं कहे, तो आरोपी और भड़क गया. उसके गुस्से में उसने दोनों — सांसद और सचिव — के खिलाफ गालियाँ और अपमानजनक टिप्पणी की. आरोपी ने उस वक्त भोजपुरी गायक खेसारी लाल यादव के एक विवादित बयान का भी समर्थन किया, जिसमें राम मंदिर के स्थान पर अस्पताल बनाने की बात कही गई थी. इसके बाद उसने भगवान राम और राम मंदिर के संबंध में अपमानजनक शब्द भी कहे, जिससे मामले में आग और भड़क उठी.
पुलिस ने शुरू की जांच, बढ़ाई जा सकती है सुरक्षा
घटना के तुरंत बाद सांसद के कार्यालय ने मुकदमा दर्ज करने की शिकायत पुलिस को दी. गोरखपुर पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपी की खोजबीन में टीमों को लगा दिया गया है. सुरक्षा इंतज़ामों को देखते हुए बताया जा रहा है कि रवि किशन शुक्ला की सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जा सकती है, ताकि उनके चुनाव प्रचार में कोई बाधा न आए और वे सुरक्षित रूप से कार्य कर सकें.
राजनीतिक माहौल में बढ़ा तनाव
राजनीतिक पृष्ठभूमि और संवेदनशील सामाजिक विषयों के कारण इस मामले ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है. ऐसे मामलों में थाना और प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ सार्वजनिक तौर पर संयम का संदेश देना भी महत्वपूर्ण माना जाता है. वहीं सांसद ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी डर से पीछे नहीं हटेंगे और चुनावी दौड़ में अपने इलाके और पार्टी के लिए पूरी ताकत से जुटे रहेंगे.
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