Mohammed Shami: भारतीय क्रिकेट के सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इन दिनों अपने चयन को लेकर सुर्खियों में हैं. उन्हें ऑस्ट्रेलिया के आगामी दौरे के लिए वनडे और टी20 टीम में जगह नहीं दी गई है, जिस पर अब खुद शमी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने न केवल अपनी फिटनेस पर उठ रहे सवालों को खारिज किया है, बल्कि टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं की सोच पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा है.
मोहम्मद शमी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह पूरी तरह से फिट हैं और भारत के लिए किसी भी प्रारूप में खेलने के लिए तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनके और टीम प्रबंधन के बीच कोई संवाद नहीं हुआ है, जिससे यह पता चले कि उन्हें बाहर क्यों किया गया.
शमी का कहना था, "भारतीय टीम के किसी भी सदस्य ने मुझसे मेरी फिटनेस को लेकर कोई बात नहीं की. मैं वह इंसान नहीं हूं जो खुद जाकर बताऊं कि मैं फिट हूं या नहीं. अगर मैं चार दिन का रणजी ट्रॉफी मैच खेल रहा हूं, तो 50 ओवर का क्रिकेट क्यों नहीं खेल सकता?" शमी ने यह भी जोड़ा कि अगर वह फिट नहीं होते तो इस वक्त राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) में रिहैब कर रहे होते, न कि मैदान पर रणजी ट्रॉफी खेलते.
रणजी ट्रॉफी से लौटे मैदान पर, बंगाल के लिए खेलेंगे
शमी को बंगाल की रणजी टीम में शामिल किया गया है, जो 15 अक्टूबर से अपना सीजन शुरू कर रही है. बंगाल क्रिकेट संघ (CAB) ने पुष्टि की है कि अभिमन्यु ईश्वरन इस सत्र में टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि शमी सीनियर गेंदबाज की भूमिका में रहेंगे.
रणजी ट्रॉफी में उनकी भागीदारी यह संकेत देती है कि वह न केवल फिट हैं, बल्कि खेल में सक्रिय रहने को लेकर गंभीर भी हैं. चयन से बाहर रहने के बावजूद शमी का यह निर्णय दिखाता है कि वह अब भी राष्ट्रीय टीम में वापसी की संभावनाओं को जीवित रखे हुए हैं.
"मैच प्रैक्टिस की कमी"
हालांकि, टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर ने शमी की गैर-मौजूदगी को दूसरे दृष्टिकोण से देखा है. उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में शमी ने सीमित ओवरों का क्रिकेट बहुत कम खेला है और उन्हें फिर से चयन योग्य बनने के लिए नियमित मैच अभ्यास की जरूरत है.
अगरकर ने मीडिया से कहा, "शमी एक बेहतरीन गेंदबाज हैं, इसमें कोई शक नहीं. लेकिन उन्होंने हालिया समय में बहुत कम क्रिकेट खेला है, खासकर सफेद गेंद से. हमें यह सुनिश्चित करना है कि जब भी कोई खिलाड़ी टीम में शामिल हो, वह पूरी लय में हो."
इस तर्क से संकेत मिलता है कि चयनकर्ताओं की प्राथमिकता अब उन खिलाड़ियों पर है जो लगातार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं, न कि केवल नाम के आधार पर उन्हें वापस टीम में लाया जाए.
आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी में दिखे थे मैदान पर
शमी ने आखिरी बार भारत के लिए इस साल के मध्य में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में हिस्सा लिया था. उन्होंने उस टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार अंदाज़ में की थी, बांग्लादेश के खिलाफ पांच विकेट चटकाए, लेकिन उसके बाद के दो मैचों में वह विकेट लेने में नाकाम रहे.
सेमीफाइनल में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन विकेट झटके और फाइनल में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ एक विकेट लिया. हालांकि टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन औसत रहा, लेकिन यह मानना कठिन है कि वह पूरी तरह आउट ऑफ फॉर्म थे.
क्या घरेलू प्रदर्शन से खुलेगा टीम इंडिया का दरवाज़ा?
भले ही इस समय शमी टीम इंडिया से बाहर हैं, लेकिन उनका रवैया और आत्मविश्वास यह संकेत देता है कि वह अभी भी राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए प्रतिबद्ध हैं. घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं और फैंस दोनों की नजर रहेगी.
अगर शमी रणजी ट्रॉफी में फिटनेस और फॉर्म दोनों के मोर्चे पर दमदार प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें आने वाली घरेलू या विदेशी श्रृंखलाओं में मौका मिल सकता है. विशेष रूप से, जब भारत को आगामी समय में बड़े टूर्नामेंटों के लिए मजबूत बेंच स्ट्रेंथ चाहिए, तो शमी जैसा अनुभवी गेंदबाज हमेशा एक विकल्प रहेगा.
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