Rajesh Khanna Birth Anniversary: राजेश खन्ना हमेशा रहेंगे जिंदा... क्योंकि आनंद कभी मरा नहीं करते

Rajesh Khanna Death Anniversary राजेश खन्ना के प्रति दीवानगी का आलम यह था कि लड़कियां उनकी गाड़ियों चूमकर लिपस्टिक से लाल कर देती थीं. यहां तक कई लड़कियों ने राजेश खन्ना की तस्वीरों से शादी भी की.

Rajesh Khanna Birth Anniversary: राजेश खन्ना हमेशा रहेंगे जिंदा... क्योंकि आनंद कभी मरा नहीं करते

Rajesh Khanna Birth Anniversary 2023 राजेश खन्ना फिल्म इंडस्ट्री के वह अभिनेता थे, जिन्होंने अभिनय की उन ऊंचाइयों को छुआ है, जो उनके समकालीन कलाकारों के लिए सपना था. बेशक समीक्षक और तमाम प्रशंसक अमिताभ बच्चन को अभिनय का बादशाह और सदी का महानायक कहें, लेकिन जो छाप राजेश खन्ना ने छोड़ी वह अलग थी. 'अमर प्रेम', 'आपकी कसम', 'दाग' और 'आराधना' फिल्म में निभाए गए किरदार दिल पर उतर जाते हैं. 'अमर प्रेम' फिल्म में आनंद बाबू का किरदार आखिर कौन भूल सकता है. याद कीजिए फिल्म का आखिरी सीन जब आनंद बाबू अपनी पुष्पा को विदा करते हैं. उनकी आंखों में आंसू होते हैं, लेकिन यह आंसू सिर्फ आनंद बाबू की आंखों में नहीं बल्कि दर्शकों की आंखों में भी आते हैं. अंत में आनंद बाबू तन्हा और अकेले होते हैं. फिल्म खत्म हो जाती है, लेकिन दर्शक आनंद बाबू पर ठहर जाता है और सोचने लगता है कि आनंद बाबू का क्या हुआ होगा. 

आनंद मरते नहीं

'आनंद' फिल्म में राजेश खन्ना के किरदार ने पूरी दुनिया को सिखाया है कि मौत तो एक दिन तय है, लेकिन उसके खौफ से जीना नहीं छोड़ा जाता. उस डर से हम रोज-रोज तो नहीं मर सकते हैं...हां रोज रोज जी जरूर सकते हैं. आनंद किरदार संदेश देता है- जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए. जिंदगी जितनी जियो, दिल खोलकर जियो. .' भले ही आनंद का किरदार करने वाले राजेश खन्ना इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन भारत24 डिजिटल ऐसे कलाकार को सलाम करता है, जिन्होंने अपनी अदायगी से लोगों को बहुत कुछ दिया है. 
 

लगातार दीं 15 सुपर हिट फिल्में

हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने बैक टू बैक 15 सुपर हिट फिल्में दी थीं. वह बॉलीवुड के इकलौते अभिनेता थे, जिन्होंने ऐसा किया. लगातार 15 सुपर हिट फिल्म देने का रिकॉर्ड अब भी उनके नाम है. कहा जाता है कि जिन निर्माता-निर्देशकों ने उन पर विश्वास किया उनका भरोसा राजेश खन्ना ने टूटने नहीं दिया. जमकर मेहनत की और उम्दा अभिनय से 15 हिट फिल्में दीं. 

17 साल तक ली सबसे ज्यादा फीस

अभिनेता, नेता और फिल्म निर्माता भी रह चुके राजेश ने अपने अभिनय करियर में तीन फिल्मफेयर के साथ चार बीएफजेए पुरस्कार भी जीते थे. राजेश खन्ना के बारे में कहा जाता है कि 1970 से 1987 के बीच यानी 17 वर्ष वह सबसे ज्यादा फीस लेने वाले अभिनेता रहे. उन्होंने अपने पूरे फिल्मी करियर में कुल 168 फिल्मों के साथ 12 शॉर्ट फिल्मों में  भी काम किया. उन्होंने दिग्गज फिल्मकारों के साथ काम किया.  

'आखिरी खत' से की थी फिल्मी करियर की शुरुआत

वर्ष 1966 में राजेश खन्ना ने 'आखिरी खत' फिल्म से अभिनय की शुरुआत की थी. यह फिल्म महान फिल्मकार चेतन आनंद ने निर्देशित की थी. फिल्म बच्चे पर आधारित है. जो अपनी मां की तलाश एक खत के जरिये करता है. फिल्म में राजेश खन्ना ने भी मासूम बच्चे की तरह मासूम अभिनय कर लोगों का दिल जीता था. 

10,000 प्रतियोगियों में से चुने गए थे राजेश खन्ना

राजेश खन्ना पुणे स्थित एफटीआईआई के छात्र रहे हैं. राजेश खन्ना दरअसल, सुभाष घई और धीरज कुमार के साथ उन 8 फाइनल प्रतियोगियो में से एक थे, जिन्हें साल 1967 में यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स नाम की कंपनी ने चुना था. फिल्मफेयर की प्रतियोगिता में उन्होंने 10,000  को पछाड़कर प्रतियोगिता जीती थी. 

राजेश खन्ना के प्रति दीवानगी का आलम यह था कि लड़कियां उनकी गाड़ियों चूमकर लिपस्टिक से लाल कर देती थीं. यहां तक कई लड़कियों ने राजेश खन्ना की तस्वीरों से शादी भी की. अपने हाथों से अपनी अंगुलियां काटीं और खून को सिंदूर के रूप में लगाया. फिल्म इंडस्ट्री में किसी अभिनेता के लिए ऐसी दीवानगी नहीं देखी गई. 

तन्हाइयों ने लूट ली जिंदगी की शाम

उम्र भर अपने प्रशंसकों से घिरे रहने वाले राजेश खन्ना आखिरी दौर में तन्हा रहे. पत्नी डिंपल कपाड़िया से अलगाव शादी के कुछ साल बाद ही हो गया था. इसके बाद वह अकेले ही रहने लगे थे. शराब से दोस्ती की तो लत लग गई. खैर, जिंदगी की शाम तन्हा रही, लेकिन 18 जुलाई, 2012 को दुनिया को अलविदा कहने वाले राजेश खन्ना अमर हो गए. यकीन मानिये वह सदियों तक भारतीय दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेंगे. 

'रंगमंच की कठपुतलिया हैं हम'

‘जिंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ में हैं जहांपनाह, जिसे ना आप बदल सकते हैं ना मैं. हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं, जिसकी डोर ऊपर वाले की अंगुलियों में बंधी है, कब, कौन, कैसे उठेगा, ये कोई नहीं जानता. 'ऋषिकेश मुखर्जी निर्देशित 'आनंद फिल्म' का यह डायलॉग आनंद का किरदार निभा रहे राजेश खन्ना ने बोला था. इस डायलॉग की तरह राजेश खन्ना भी अमर हो गए हैं, क्योंकि आनंद मरते रहे... आनंद कभी मरा नहीं करते.