50 फीट की तलवार, 40 फीट की जूतियां, 300 किलो का सिर... कोटा में होगा दुनिया के सबसे ऊंचे रावण का दहन

पिछले चार महीनों से दिन-रात मेहनत में जुटे कारीगरों ने आखिरकार सोमवार को रावण के पुतले को खड़ा कर दिया. यह कोई आम पुतला नहीं, बल्कि एक टेक्नोलॉजी और परंपरा का अनोखा संगम है. पुतले को खड़ा करने के लिए दो भारी हाइड्रोलिक क्रेन 220 टन और 100 टन की क्षमता वाली का इस्तेमाल किया गया.

Rajasthan Kota sets record by burning the world s tallest Ravana enters Asia Book of Records
Image Source: Social Media

World's Tallest Ravana: राजस्थान के कोटा में इस साल का दशहरा कुछ अलग ही रंग में नजर आएगा. 132वें राष्ट्रीय दशहरा मेले की तैयारियों ने अपने चरम पर पहुँचते हुए एक नया इतिहास रच दिया है. 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले ने ना केवल लोगों का ध्यान खींचा है, बल्कि इसने कोटा की सड़कों पर रुकने को मजबूर कर दिया है.

चार महीने की मेहनत, एक रौबदार आकार

पिछले चार महीनों से दिन-रात मेहनत में जुटे कारीगरों ने आखिरकार सोमवार को रावण के पुतले को खड़ा कर दिया. यह कोई आम पुतला नहीं, बल्कि एक टेक्नोलॉजी और परंपरा का अनोखा संगम है. पुतले को खड़ा करने के लिए दो भारी हाइड्रोलिक क्रेन 220 टन और 100 टन की क्षमता वाली का इस्तेमाल किया गया.

वैदिक परंपराओं के साथ भूमि पूजन

पुतले को खड़ा करने से पहले मेला समिति अध्यक्ष विवेक राजवंशी और मेला अधिकारी अशोक कुमार त्यागी की मौजूदगी में सीमेंटेड फाउंडेशन पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भूमि पूजन किया गया. इसके बाद क्रेन की सहायता से रावण को फाउंडेशन पर स्थापित किया गया.

रावण का नया रूप 

इस बार रावण का पुतला पहले से कहीं ज्यादा लंबा और आकर्षक है. इसकी ऊंचाई 221 फीट है, जो इसे दूर से ही एक भव्य और रौबदार आकृति देता है. चेहरा फाइबर ग्लास से तैयार किया गया है, जिसकी ऊंचाई 25 फीट है और वजन लगभग तीन क्विंटल है. चेहरे पर घनी मूंछें और तेज़ नजरें इसे और भी प्रभावशाली बनाती हैं.

चमकते मुकुट और हाई-टेक एलईडी लाइट्स

रावण के 60 फीट ऊंचे मुकुट को रंगीन एलईडी लाइट्स से सजाया गया है, जो रात में देखने पर और भी भव्यता प्रदान करता है. केवल मुकुट ही नहीं, बल्कि उसकी ढाल और तलवार में भी एलईडी लाइट्स का इस्तेमाल किया गया है. यह तकनीकी सजावट पुतले को पारंपरिक से आधुनिक बनाती है.

रंग-बिरंगे परिधान और हाई-टेक कंट्रोल सिस्टम

रावण को लाल, हरे और नीले रंगों के आकर्षक वस्त्र पहनाए गए हैं. उसकी तलवार 50 फीट लंबी है, और 40 फीट की विशाल जूतियाँ उसके आकार को और भी भव्य बनाती हैं. इस बार पुतले में 25 रिमोट कंट्रोल पॉइंट्स लगाए गए हैं, जिससे दहन के दौरान विभिन्न इफेक्ट्स दिए जा सकें.

दहन स्थल में किया गया बदलाव

पुतले की ऊंचाई को देखते हुए इस बार विजयश्री रंगमंच की जगह मैदान की पूर्व दिशा में नया दहन स्थल तैयार किया गया है. यहां 26 x 24 फीट का मजबूत RCC फाउंडेशन बनाया गया, जिसमें स्टील की जैक वाली रोड और फिश प्लेट्स से रावण को मजबूती दी गई है. 8 लोहे की रस्सियों के सहारे इसे अतिरिक्त सपोर्ट दिया गया है.

ये भी पढ़ें: राजस्थान में मिला लिथियम का भंडार, चीन को पीछे छोड़ आत्मनिर्भर बनेगा भारत, नीलामी की तैयारी शुरू