यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें, डोप टेस्ट मामले में नाडा का एक्शन; जानें पूरा मामला

Dope Test: इन दिनों इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का रोमांच अपने चरम पर है. मैदान पर चौके-छक्कों की बारिश हो रही है, लेकिन इसी बीच भारतीय क्रिकेट से जुड़ा एक बड़ा विवाद भी सामने आया है. टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और महिला टीम की स्टार ओपनर शेफाली वर्मा डोप टेस्ट नियमों को लेकर चर्चा में आ गए हैं.

Problems increased for Yashasvi Jaiswal and Shefali Verma NADA action in dope test case
Image Source: ANI/ File

Dope Test: इन दिनों इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का रोमांच अपने चरम पर है. मैदान पर चौके-छक्कों की बारिश हो रही है, लेकिन इसी बीच भारतीय क्रिकेट से जुड़ा एक बड़ा विवाद भी सामने आया है. टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और महिला टीम की स्टार ओपनर शेफाली वर्मा डोप टेस्ट नियमों को लेकर चर्चा में आ गए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी तय समय पर डोप टेस्ट के लिए मौजूद नहीं मिले, जिसके बाद नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी यानी नाडा ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. इतना ही नहीं, इसकी जानकारी बीसीसीआई और आईसीसी तक भी पहुंचाई गई है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, नाडा के रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (आरटीपी) में शामिल खिलाड़ियों को अपनी लोकेशन की जानकारी पहले से देनी होती है. खिलाड़ियों को बताना पड़ता है कि वे किस दिन, किस समय और किस जगह मौजूद रहेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका डोप टेस्ट किया जा सके.

रिपोर्ट में बताया गया है कि 17 दिसंबर को डोप कंट्रोल अधिकारी टेस्ट के लिए पहुंचे थे, लेकिन यशस्वी जायसवाल अपनी बताई गई जगह पर मौजूद नहीं थे. वहीं महिला क्रिकेटर शेफाली वर्मा भी 7 नवंबर को अपने तय स्थान पर नहीं मिलीं. इस कारण दोनों खिलाड़ियों का टेस्ट नहीं हो सका.

नोटिस का भी नहीं दिया जवाब

मामला सिर्फ टेस्ट मिस करने तक सीमित नहीं रहा. रिपोर्ट के अनुसार, नाडा ने बाद में दोनों खिलाड़ियों को नोटिस भेजा और उनसे जवाब मांगा. यशस्वी को 18 फरवरी तक और शेफाली को 20 फरवरी तक जवाब देना था.

लेकिन बताया जा रहा है कि दोनों खिलाड़ियों की तरफ से तय समय तक कोई जवाब नहीं भेजा गया. इसके बाद एजेंसी ने दोनों के खिलाफ ‘वेयरअबाउट फेलियर’ के तहत ‘मिस टेस्ट’ दर्ज कर लिया. अब नाडा ने एक बार फिर दोनों खिलाड़ियों को नया नोटिस भेजा है और 7 दिन के अंदर जवाब देने को कहा है.

बीसीसीआई और आईसीसी को भी दी गई जानकारी

इस मामले की जानकारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद आईसीसी को भी भेज दी गई है. क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी, दोनों ही वाडा यानी वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी के नियमों का पालन करते हैं. हालांकि अभी तक बीसीसीआई या खिलाड़ियों की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

क्या यशस्वी और शेफाली पर लगेगा बैन?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मामले में दोनों खिलाड़ियों पर कोई कार्रवाई होगी? फिलहाल इसका जवाब है- नहीं. डोपिंग नियमों के मुताबिक, आरटीपी में शामिल खिलाड़ियों को 12 महीने के अंदर तीन मौके मिलते हैं. 

अगर कोई खिलाड़ी तीन बार टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं होता या नियमों का उल्लंघन करता है, तभी उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू होती है. अभी यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा के खिलाफ सिर्फ एक-एक ‘मिस टेस्ट’ दर्ज हुआ है. यानी फिलहाल दोनों पर किसी तरह का बैन नहीं लगेगा.

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