ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ईरान को आतंकवाद से जोड़ने वाले बयान का विरोध करते हुए कहा कि उनका देश खुद आतंकवाद का शिकार रहा है. पेजेश्कियान ने मिनाब स्कूल हमले के पीड़ित बच्चों की तस्वीरें दिखाकर नागरिकों की मौत का मुद्दा उठाया. उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताते हुए अपने देश के आत्मरक्षा के अधिकार पर जोर दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है और अपने पड़ोसी देशों को मजबूत देखना चाहता है.
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा 81वें सेशन को संबोधित करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमें आतंकवादी कहा है. जबकि, हम खुद आतंकवाद से ग्रस्त रहे हैं. ईरानी राष्ट्रपति ने उन स्कूल के बच्चों का जिक्र किया, जो अमेरिका और इजरायल के हमले में मारे गए थे. उन्होंने कहा, मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति के भाषण में लगाए गए आरोपों पर कहा, 'कल ट्रंप ने हमें आतंकवादी कहा. हम खुद आतंकवाद के शिकार रहे हैं. मैं ऐसे ईरान से आता हूं, जहां हमारे सम्मानित सर्वोच्च नेता की हत्या बिना किसी कानूनी प्रक्रिया या वजह के कर दी गई थी.'
इधर, पेजेश्कियान का भाषण जैसे ही शुरू हुआ, ईरान के मंगलवार को डेलीगेशन ने जिस तरह से ट्रंप के भाषण में वॉकाआउट किया था, वैसे ही अमेरिकी डेलीगेशन भी ईरान राष्ट्रपति के भाषण के बीच से चला गया.
उन्होंने कहा, 'मैं ऐसे ईरान से आता हूं, जहां सच में एक स्कूल पर बमबारी की गई थी. आप इन बच्चों को देख रहे हैं? ये बच्चे अमेरिका और इज़राइल के हथियारों से गिराए गए बमों की चपेट में आकर मारे गए. वे बेगुनाह थे और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया था.
मंच से दिखाई मिनाब के बच्चों की तस्वीरें और कब्र की फोटो
ईरानी राष्ट्रपति ने अपने भाषण के दौरान मिनाब स्कूल में हमले के पीड़ितों की फोटो भी मंच से दिखाई. उन्होंने इन फोटो के जरिए संघर्ष में मारे गए बेगुनाह नागरिकों की ओर दुनिया का एक बार फिर ध्यान खींचा. इसके अलावा उन्होंने ईरानी नागरिकों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए, उन बच्चों और अन्य पीड़ितों की कब्र और तस्वीरें भी दिखाईं.
अपने भाषण में उन्होंने ईरानी सुप्रीम लीडर की हत्या के अलावा नागरिकों, और इंस्टीट्यूशन पर हुए हमलों का जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'हमारे देश पर हुए कायरतापूर्ण हमलों में हमारे बेगुनाह लोग निशाना बने. हमने अपनी पूरी ताकत से सिर्फ अपना बचाव किया है.'
"ईरान ने पिछली दो शताब्दियों से किसी पर हमला नहीं किया"
पेजेश्कियान ने कहा, 'हम आतंकवाद के शिकार रहे हैं. हमने किसी भी नागरिक लक्ष्य पर हमला नहीं किया. हमारे निर्दोष लोगों को हमारे देश पर थोपे गए कायरतापूर्ण हमलों का निशाना बनाया गया. हमने पूरी ताकत के साथ अपना बचाव किया. अमेरिका और इजरायल ने अत्याधुनिक तकनीक से हम पर हमला किया. उन्होंने हमें निशाना बनाया, लेकिन हम घुटने नहीं टेके. लामेर्द ईरान का एक छोटा शहर है, जहां एक खेल परिसर पर क्लस्टर बमों से हमला किया गया. हमने जवाब दिया, लेकिन हमने नागरिक आबादी को निशाना नहीं बनाया.'
ईरान के राष्ट्रपति ने आगे कहा, 'वे आसपास के इलाकों में घुसे और हमारे विश्वविद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बनाया. सात महीने तक हमारे लोग हर रात सड़कों पर निकलते रहे, ताकि अमेरिका और इजरायल की तरफ से हथियारबंद किए गए लोगों को कुछ करने से रोका जा सके. पिछले दो शताब्दियों में ईरान ने किसी देश या किसी क्षेत्र पर हमला नहीं किया है, लेकिन हमने हमेशा दृढ़ता से अपना बचाव किया है.'
"हम अपने देश की रक्षा के लिए किसी की अनुमति नहीं मांगते"
पेजेश्कियान ने कहा, 'फिर भी अब हम पर क्षेत्र में अस्थिरता का स्रोत होने का आरोप लगाया जा रहा है. हमें आतंकवादी कहा जा रहा है. शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक हमारी प्रगति का हिस्सा है. हम सिर नहीं झुकाएंगे और अपने उस अधिकार को नहीं छोड़ेंगे जो हमारा है. हम अपनी रक्षा के लिए युद्ध से नहीं डरते और अपने अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए बातचीत से भी पीछे नहीं हटते.'
उन्होंने आगे कहा, 'हम स्पष्ट रूप से कहते हैं, न परमाणु हथियार, और न ही शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक पर कोई प्रतिबंध है. हॉर्मुज का इस्तेमाल उन हथियारों के परिवहन के लिए नहीं किया जा सकता, जिनका इस्तेमाल हमारे देश के खिलाफ किया जाएगा. हम अपने देश की रक्षा करने के लिए किसी से अनुमति नहीं मांगते.'
"वे तकनीक का इस्तेमाल कर नरसंहार कर रहे"
पेजेश्कियान ने कहा, जब मैंने पदभार संभाला, तब इस्माइल हानिया की तेहरान में हत्या कर दी गई. गाजा में 80,000 से अधिक निर्दोष लोगों की हत्या की जा चुकी है. वे तकनीक का इस्तेमाल करके नरसंहार कर रहे हैं. हम अपनी शक्ति का इस्तेमाल प्रभुत्व स्थापित करने के लिए नहीं करना चाहते और न ही हम अपनी सुरक्षा दूसरों की असुरक्षा में तलाशते हैं. ईरान अपनी रक्षा के लिए किसी की अनुमति नहीं लेगा. ईरान को शांतिपूर्ण परमाणु ज्ञान से वंचित किया जाना स्वीकार्य नहीं होगा. ईरान की रक्षा क्षमताएं केवल किसी भी प्रकार की आक्रामकता को रोकने के लिए हैं और देश अपनी रक्षा के लिए किसी भी शक्ति से अनुमति नहीं मांगेगा. परमाणु तकनीक ईरानी जनता का निर्विवाद अधिकार भी है, जिसका उपयोग चिकित्सा, कृषि, उद्योग और सतत ऊर्जा के विकास के लिए किया जाता है.
"हम चाहते हैं, हमारे पड़ोसी मजबूत हों"
इसके अलावा उन्होंने न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर विस्तार से बात करते हुए कहा, 'यह ऐसा मुद्दा है जिसे युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि एक ऐसे पारस्परिक समझौते के माध्यम से हल किया जा सकता है, जो ईरानी जनता के अधिकारों और परमाणु कार्यक्रम की शांतिपूर्ण प्रकृति की गारंटी दे. ईरान का मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग और मजबूत पड़ोसियों पर निर्भर करती है. यह अस्वीकार्य है कि ईरान पर अनुचित प्रतिबंध लगाए जाएं, जबकि अन्य देश इस जलमार्ग का इस्तेमाल हथियारों के परिवहन और क्षेत्र में संकट बढ़ाने के लिए करें. ईरान अपने पड़ोसियों को सुरक्षा प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं देखता. हम चाहते हैं कि हमारे पड़ोसी मजबूत हों.'
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