बिहार के चुनाव में डूबने की प्रैक्टिस... पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर कसा तंज, RJD पर भी साधा निशाना

    PM Modi On Rahul Gandhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के सीतामढ़ी में शनिवार को एक भव्य चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विपक्षी नेताओं पर तीखे तंज कसे. इस दौरान उन्होंने खास तौर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिया और उनका हाल ही में बेगूसराय में मछुआरा समुदाय से मुलाकात के दौरान तालाब में कूदने वाला वीडियो याद दिलाया.

    Practice of drowning in Bihar elections PM Modi took a jibe at Rahul Gandhi also targeted RJD
    Image Source: Social Media

    PM Modi On Rahul Gandhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के सीतामढ़ी में शनिवार को एक भव्य चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विपक्षी नेताओं पर तीखे तंज कसे. इस दौरान उन्होंने खास तौर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिया और उनका हाल ही में बेगूसराय में मछुआरा समुदाय से मुलाकात के दौरान तालाब में कूदने वाला वीडियो याद दिलाया. पीएम मोदी ने इस घटना का मजाक उड़ा कर कहा कि कुछ बड़े नेता बिहार के चुनाव में डुबकी लगाने की तैयारी कर रहे हैं.

    कुछ दिन पहले राहुल गांधी बिहार के बेगूसराय जिले में मछुआरा समुदाय के लोगों से मिलने पहुंचे थे. इस दौरान वे स्थानीय तालाब में नाव से बीच में जाकर उसमें कूद गए. इस मौके पर कई मछुआरे और नेताओं ने उनके साथ कमर तक कीचड़ भरे पानी में उतरकर यह अनुभव साझा किया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ और राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया. पीएम मोदी ने इसी वीडियो का जिक्र करते हुए अपने भाषण में कहा कि ऐसे नेता चुनाव में ‘डुबकी लगाकर’ अभ्यास कर रहे हैं.

    पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर कसा तंज

    PM मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी पर तंज कसा है. उन्होंने कहा, "कुछ बड़े-बड़े लोग अब बिहार में मछली देखने और पानी में डुबकी लगाने आ रहे हैं. बिहार के चुनाव में डूबने की प्रैक्टिस कर रहे हैं."

    पीएम मोदी का तंज और विपक्ष पर निशाना

    राहुल गांधी पर तंज कसने के साथ ही पीएम मोदी ने बिहार में आरजेडी-नेतृत्व वाले विपक्ष पर भी हमला किया. उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष की सरकार सत्ता में आती है तो वे लोगों को डराने के लिए कट्टा दिखाएंगे और उन्हें ‘हैंड्स अप’ करने के लिए मजबूर करेंगे. मोदी ने विपक्ष की रैलियों में बच्चों को भी डराने और हिंसा के प्रतीकात्मक संदेश देने का उदाहरण देते हुए इसे बिहार के विकास और लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया.

    पीएम मोदी ने कहा, “जहां भी जाता हूं, मुझे जनता से यही सुनने को मिलता है कि उन्हें ‘कट्टा वाली सरकार’ नहीं चाहिए. उन्हें ऐसी सरकार चाहिए जो विकास, शिक्षा और रोजगार को बढ़ावा दे. बिहार को ऐसे शासन की आवश्यकता है जो भ्रष्टाचार और कुशासन से मुक्त हो. हमारी कोशिश है कि बिहार को ‘स्टार्टअप’, शिक्षा और खेल के अवसर मिले, न कि डर और हिंसा.”

    NDA की अगुवाई में विकास का संदेश

    प्रधानमंत्री ने रैली में जनता को यह भी याद दिलाया कि उनकी सरकार ने बिहार में अनेक विकास कार्य किए हैं. उन्होंने कहा कि राजग सरकार शिक्षा, खेल, डिजिटल स्किलिंग और युवा रोजगार पर ध्यान दे रही है. उन्होंने यह भी जोर दिया कि जनता अब बदलाव चाहती है और वह ‘कट्टा वाली सरकार’ नहीं चाहती. पीएम मोदी ने कहा कि उनकी रैलियों में जनता का स्पष्ट संदेश यही आता है कि लोग NDA की सरकार को आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं.

    चुनाव की तैयारियां और मतदान

    बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होना है. पहले चरण के मतदान में 6 नवंबर को 64.69% मतदान दर्ज किया गया था, जो पिछले चुनावों की तुलना में बढ़ा हुआ आंकड़ा है. राजनीतिक विश्लेषक इसे जनता के बढ़ते उत्साह और सक्रिय मतदान के संकेत के रूप में देख रहे हैं. विपक्ष ने इस बढ़े हुए वोट प्रतिशत को NDA के खिलाफ जन-समर्थन के रूप में पढ़ा. इसी बीच जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी कहा कि बढ़ता मतदान यह संकेत देता है कि लोग बदलाव चाहते हैं.

    मोदी ने रैलियों में किया प्रचार-प्रसार

    चुनाव की घोषणा के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों रैलियां की हैं. उन्होंने अपने भाषण में बार-बार यह संदेश दिया कि जनता अब कट्टा और डर की राजनीति नहीं, बल्कि विकास और सुरक्षा की राजनीति चाहती है. उनके भाषण में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और डिजिटल इंडिया के विज़न को प्रमुखता दी गई.

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