Colombia Earthquake: दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार को तेज भूकंप आया. अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे यानी USGS के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 मापी गई. तेज झटकों के कारण कोलंबिया के कई हिस्सों में लोगों के बीच डर का माहौल बन गया. USGS के मुताबिक, भूकंप का केंद्र चोको डिपार्टमेंट में सैन जोस डेल पालमार से करीब 5 किलोमीटर पूर्व में था.
भूकंप जमीन के अंदर करीब 107 किलोमीटर की गहराई में आया. भूकंप के झटके सिर्फ एपिसेंटर के आसपास के इलाकों तक सीमित नहीं रहे. कोलंबिया के कई दूसरे हिस्सों में भी लोगों ने इन्हें महसूस किया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पड़ोसी इलाकों और वेनेजुएला की सीमा के पास भी झटके महसूस किए गए.
सुनामी का कोई खतरा नहीं
भूकंप की तीव्रता को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं. US सुनामी वॉर्निंग सिस्टम ने इसकी तीव्रता 7.1 बताई है. हालांकि, राहत की बात यह है कि भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई.
US सुनामी वॉर्निंग सिस्टम के मुताबिक, इस भूकंप से कोलंबिया में सुनामी का खतरा नहीं था. भूकंप के बाद स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है. शुरुआती जानकारी में कई इलाकों में झटके महसूस होने की बात सामने आई है.
Así se vivió el fuerte sismo de magnitud preliminar 7.4 que se registró en Colombia durante la mañana de este lunes 10 de agosto de 2026. pic.twitter.com/cEc1xRSsHe
— BluRadio Colombia (@BluRadioCo) August 10, 2026
क्या है 'रिंग ऑफ फायर'?
भूकंप की चर्चा के साथ 'रिंग ऑफ फायर' का नाम भी सामने आता है. दरअसल, प्रशांत महासागर के आसपास फैला एक बड़ा इलाका 'रिंग ऑफ फायर' कहलाता है. यह क्षेत्र भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिए जाना जाता है.
यह इलाका घोड़े की नाल जैसा दिखाई देता है और करीब 40 हजार किलोमीटर तक फैला हुआ है. यह क्षेत्र अमेरिका और कनाडा के पश्चिमी हिस्सों से लेकर दक्षिण अमेरिका के चिली तक और रूस से होते हुए इंडोनेशिया तक फैला है. इस पूरे क्षेत्र में कई टेक्टोनिक प्लेट्स एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं. प्लेटों की हलचल के कारण यहां लगातार भूकंप आते हैं और कई जगहों पर ज्वालामुखी भी सक्रिय रहते हैं.
क्यों आते हैं यहां इतने भूकंप?
धरती की ऊपरी परत कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है. जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के नीचे जाती हैं, तो जमीन के अंदर दबाव बनता है. इसी दबाव के अचानक निकलने से भूकंप आता है. कोलंबिया और वेनेजुएला के आसपास का क्षेत्र भी कई टेक्टोनिक प्लेटों के प्रभाव में आता है. इनमें प्रशांत प्लेट और नाजका प्लेट समेत कई प्लेटों की गतिविधियां शामिल हैं.
इसी वजह से इस क्षेत्र में भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां देखने को मिलती हैं. दुनिया के 90 प्रतिशत से ज्यादा भूकंप 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में आते हैं. दुनिया के करीब 75 प्रतिशत सक्रिय ज्वालामुखी भी इसी इलाके में मौजूद हैं.
जापान का माउंट फुजी और इंडोनेशिया का क्राकाटोआ इसी क्षेत्र के प्रमुख ज्वालामुखियों में शामिल हैं. यही कारण है कि 'रिंग ऑफ फायर' को दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधि वाले क्षेत्रों में गिना जाता है.
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