Madhya Pradesh: हरदा ब्लास्ट पर उठे सवाल, आखिर आदिवासी इलाके में कैसे जमा था बारूद का भंडार?

Madhya Pradesh: हरदा ब्लास्ट पर उठे सवाल, आखिर आदिवासी इलाके में कैसे जमा था बारूद का भंडार?

हरदा, भारत 24 डिजिटल डेस्क: मध्य प्रदेश के हरदा जिले के मगरधा रोड पर स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री (Harda Pataka Factory) में अचानक विस्फोट होने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. अचानक इतनी बड़ी घटना होने से पूरे प्रदेश का शासन- प्रशासन हिला हुआ है. पीएम मोदी ने भी पोस्ट करके इस घटना पर दुख जताया है. लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर इस इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में बारूद कैसे जमा हुआ?

एक आदिवासी क्षेत्र है हरदा

हरदा  मध्य प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित है. इस जिले का निर्माण साल 1998 में होशंगाबाद जिले को विभाजित करके किया गया था. यह एमपी का दूसरा छोटा जिला है, जो नर्मदापुरम संभाग के अन्तर्गत आता है. यह यह मुख्य रूप से एक आदिवासी क्षेत्र है, जहां पर गोंड और कोरकू जनजाति के आदिवासी रहते हैं. यह जिले की कुल जनसंख्या दो-तिहाई हिस्सा हैं. साल 2011 की जनगणना के मुताबिक हरदा जिले की आबादी 5 570,302 थी.

कैसे इकट्ठा हुआ बारूद?

इस घटना ने एक बार रिहायशी इलाकों में पटाखा फैक्ट्री स्थापित होने पर सवाल खड़े हो गए हैं. इस जिले में कभी नक्सलवाद गतिविधियों की आहट महसूस नहीं की गई. ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में बारूद कैसे इकट्ठा हुआ यह  हर कोई जानना चाहता है. क्या यह बारूद वाकई अवैध पटाखा फैक्ट्री के लिए लाया गया था या इसे स्टोर करने के पीछे कोई और मकसद था. फिलहाल पुलिस-प्रशासन को इसका पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है.