लखनऊ: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पर जल्द ही एक और ऐतिहासिक पल आने वाला है. राम मंदिर पर ध्वज स्थापना का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जो प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तरह ही दिव्य और विशाल स्तर पर संपन्न होगा. इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं शामिल होकर ध्वज की स्थापना करेंगे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपेंगे. यह मुलाकात नई दिल्ली में प्रस्तावित है, जहां मुख्यमंत्री योगी उत्तर प्रदेश से जुड़ी कई अन्य विकास परियोजनाओं पर भी चर्चा करेंगे.
25 नवंबर को अयोध्या में जुटेगा शीर्ष नेतृत्व
सूत्रों के मुताबिक, 25 नवंबर को अयोध्या में एक बड़ा राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे. यह आयोजन मंदिर के गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण समारोह माना जा रहा है.
इस कार्यक्रम में न सिर्फ राम मंदिर का ध्वज फहराया जाएगा, बल्कि पूरे परिसर को फिर से भक्ति, संस्कृति और वैदिक परंपराओं से सराबोर करने की तैयारी है. आयोजन की जिम्मेदारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और राज्य सरकार संयुक्त रूप से निभाएंगे.
सीएम योगी करेंगे जेवर एयरपोर्ट का निरीक्षण
दिल्ली प्रस्थान से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार दोपहर ग्रेटर नोएडा पहुंचेंगे. वे पहले हिंडन एयरपोर्ट पर उतरेंगे और सड़क मार्ग से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) पहुंचेंगे.
यहां वे एयरपोर्ट की तैयारियों की मैदानी समीक्षा करेंगे. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने वाले हैं. इसी को लेकर सभी विभागों में तैयारी अपने अंतिम चरण में है.
पीएम मोदी के आगमन से पहले कड़ी सुरक्षा
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को भी एक और सुरक्षा और ऑपरेशनल ट्रायल किया जाएगा ताकि उद्घाटन समारोह के दौरान कोई कमी न रहे.
दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से करेंगे मुलाकात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नई दिल्ली पहुंचने के बाद उत्तर प्रदेश सदन में कई अहम बैठकों का कार्यक्रम तय है. वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे. इसके अलावा वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से भी मुलाकात कर सकते हैं.
इन बैठकों में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों, राम मंदिर से जुड़े कार्यक्रमों, और राज्य में चल रही विकास योजनाओं पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है.
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