PM Modi Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर गुजरात के वडनगर से उनके बचपन की दोस्ती से जुड़ा एक भावुक संदेश सामने आया है. पीएम मोदी के बचपन के मित्र शामलदास मोदी ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए एक पत्र लिखा है. इस खत में उन्होंने बचपन की यादों से लेकर प्रधानमंत्री के लंबे सार्वजनिक जीवन तक का जिक्र किया और अपनी दोस्ती को भगवान कृष्ण और सुदामा के रिश्ते से जोड़कर भावनाएं जाहिर कीं.

दोस्ती के रिश्ते को बताया कृष्ण-सुदामा जैसा
शामलदास मोदी ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना ‘श्रीकृष्ण’ और खुद को ‘सुदामा’ बताते हुए दोनों के पुराने रिश्ते को याद किया. उनके मुताबिक, बचपन में साथ खेलने वाला उनका दोस्त आज देश की जिम्मेदारी संभाल रहा है. समय और परिस्थितियां बदलने के बावजूद उनके लिए नरेंद्र भाई के साथ बचपन का रिश्ता आज भी उतना ही आत्मीय है. कृष्ण-सुदामा का उदाहरण देकर उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि जीवन में व्यक्ति कितनी भी ऊंचाई हासिल कर ले, पुराने रिश्तों और यादों की अपनी अलग जगह होती है. पत्र में दोस्ती के साथ-साथ प्रधानमंत्री की उपलब्धियों को लेकर गर्व की भावना भी व्यक्त की गई है.
बचपन से ही मजबूत इरादों वाले थे नरेंद्र भाई
शामलदास ने पत्र में नरेंद्र मोदी के बचपन को याद करते हुए उनके स्वभाव और दृढ़ निश्चय का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि नरेंद्र भाई बचपन से ही अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट और मजबूत इच्छाशक्ति वाले रहे हैं. उनके अनुसार, किसी काम को करने का संकल्प लेने के बाद उसे पूरा करने की कोशिश नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व का हिस्सा रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री के शुरुआती जीवन के संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक पहुंचने के सफर में उनकी मेहनत, संकल्प और सेवा भावना की भूमिका रही है.
वडनगर के विकास का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री के गृहनगर वडनगर से जुड़े अपने रिश्ते को याद करते हुए शामलदास ने शहर में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया. उन्होंने लिखा कि जिस वडनगर की गलियों और मिट्टी में दोनों ने बचपन बिताया, वही शहर आज पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के लिहाज से देश के नक्शे पर ज्यादा प्रमुखता से सामने आया है. शामलदास ने वडनगर के विकास को अपनी मातृभूमि के प्रति प्रधानमंत्री के लगाव से जोड़ते हुए इसके लिए उनका आभार भी व्यक्त किया. उनके पत्र में बचपन की यादों और वर्तमान वडनगर के बीच का यह बदलाव खास तौर पर भावनात्मक रूप से उभरकर सामने आता है.
पीएम मोदी को बताया ‘नूतन भारत का शिल्पकार’
पत्र में शामलदास ने नरेंद्र मोदी के करीब 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का भी उल्लेख किया. उन्होंने प्रधानमंत्री को ‘नूतन भारत का शिल्पकार’ बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में भारत की वैश्विक पहचान और सम्मान को लेकर वे गर्व महसूस करते हैं. उन्होंने भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति और दुनिया में देश की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए इसे अपने बचपन के मित्र की उपलब्धियों से जोड़ा. हालांकि यह पत्र मुख्य रूप से जन्मदिन की शुभकामनाओं और व्यक्तिगत भावनाओं पर केंद्रित है, लेकिन इसमें नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन की उपलब्धियों का भी जिक्र किया गया है.
हाटकेश्वर महादेव से की लंबी उम्र की कामना
पत्र के आखिर में शामलदास मोदी ने वडनगर के आराध्य देव भगवान हाटकेश्वर महादेव से प्रधानमंत्री के लिए प्रार्थना की. उन्होंने पीएम मोदी के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और देशसेवा के लिए निरंतर शक्ति मिलने की कामना की. बचपन के दोस्त की ओर से लिखा यह पत्र प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर वडनगर और उनके पुराने जीवन की यादों को सामने लाता है. एक तरफ देश के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का वर्तमान सार्वजनिक जीवन है, तो दूसरी तरफ उनके बचपन के मित्र की नजर से सामने आती पुरानी यादें इस पत्र को व्यक्तिगत भावनाओं से जोड़ती हैं.
ये भी पढ़ें- PM Modi Birthday: 76 साल के हुए पीएम मोदी, संघर्ष से सत्ता के शिखर तक... ऐसी रही जीवन यात्रा