E85 Fuel: भारत ने स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ा दिया है. विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून की शाम देश में E85 फ्लेक्स फ्यूल की आधिकारिक शुरुआत की गई.
यह नया ईंधन पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में अधिक इथेनॉल आधारित है और विशेष रूप से फ्लेक्स फ्यूल वाहनों के लिए तैयार किया गया है. सरकार का मानना है कि यह पहल न केवल आयातित तेल पर निर्भरता कम करेगी बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
क्या है E85 फ्लेक्स फ्यूल?
E85 एक विशेष प्रकार का ईंधन है जिसमें 85 प्रतिशत इथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है. इसका मतलब है कि एक लीटर E85 में लगभग 850 मिलीलीटर इथेनॉल और 150 मिलीलीटर पेट्रोल शामिल होगा.
वर्तमान में देशभर में उपलब्ध E20 पेट्रोल में अधिकतम 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित किया जाता है. E85 इस दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है क्योंकि इसमें इथेनॉल की मात्रा काफी अधिक है.
हालांकि यह ईंधन सामान्य पेट्रोल वाहनों के लिए नहीं है. इसका उपयोग केवल फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल्स (FFVs) में किया जा सकेगा, जो E20 से लेकर E100 तक विभिन्न इथेनॉल मिश्रणों पर चलने में सक्षम होते हैं.
भारत की उपज
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) June 5, 2026
भारत की प्रगति!
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के स्वच्छ, हरित एवं ऊर्जा सुरक्षित भारत की विज़न से प्रेरणा लेकर आज दिल्ली में फ्लैक्स फ्यूल पर चलने वाले वाहनों के लिए दिल्ली के पेट्रोल पंप पर E85 ईंधन का ऐतिहासिक उद्घाटन… pic.twitter.com/ILJvASSYSg
दिल्ली में लॉन्च, 48 पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली के पूसा रोड स्थित इंडियन ऑयल के रिटेल आउटलेट पर E85 फ्लेक्स फ्यूल लॉन्च किया. शुरुआती चरण में देशभर के 48 पेट्रोल पंपों पर इस ईंधन की उपलब्धता शुरू कर दी गई है. इनमें दिल्ली का लॉन्चिंग स्टेशन भी शामिल है. सरकारी तेल कंपनियों ने इसे चरणबद्ध तरीके से देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाने की योजना बनाई है.
पेट्रोल से 20 रुपये सस्ता
E85 फ्लेक्स फ्यूल की सबसे बड़ी खासियत इसकी कीमत है. दिल्ली में इसकी कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर तय की गई है, जबकि सामान्य पेट्रोल की कीमत लगभग 102.12 रुपये प्रति लीटर है. यानी उपभोक्ताओं को प्रति लीटर करीब 20 रुपये की बचत हो सकती है. हालांकि यह लाभ केवल उन लोगों को मिलेगा जिनके पास फ्लेक्स फ्यूल वाहन हैं और जो इस ईंधन का उपयोग करने में सक्षम हैं.
पर्यावरण के लिए क्यों महत्वपूर्ण है E85?
सरकार और ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार E85 कई मायनों में पर्यावरण के लिए लाभकारी साबित हो सकता है. इस ईंधन के उपयोग से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में लगभग 61 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है.
इथेनॉल एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, जिसे कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है. इससे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी गिरावट आएगी. इसके अलावा यह ईंधन स्वच्छ, टिकाऊ और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने में सहायक माना जा रहा है.
किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
सरकार का मानना है कि इथेनॉल आधारित ईंधन कार्यक्रम का सबसे बड़ा फायदा देश के किसानों को मिलेगा. गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से इथेनॉल तैयार किया जाता है. ऐसे में इसकी मांग बढ़ने से किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर पैदा होंगे. यही कारण है कि सरकार इस पहल को केवल ऊर्जा परियोजना नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले कार्यक्रम के रूप में भी देख रही है.
2027 तक 5000 पेट्रोल पंपों तक पहुंचेगा E85
पेट्रोलियम मंत्रालय ने E85 की उपलब्धता बढ़ाने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया है. योजना के अनुसार दिसंबर 2026 तक देशभर के 500 रिटेल आउटलेट्स पर E85 उपलब्ध कराया जाएगा.
इसके बाद विस्तार अभियान को और तेज किया जाएगा और दिसंबर 2027 तक लगभग 5000 पेट्रोल पंपों पर इस ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. इससे देश के प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में फ्लेक्स फ्यूल वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
12 वर्षों में इथेनॉल मिश्रण में बड़ी छलांग
भारत में इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम ने पिछले एक दशक में उल्लेखनीय प्रगति की है. वर्ष 2014 में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण का स्तर केवल 1.53 प्रतिशत था. अब यह बढ़कर 20 प्रतिशत तक पहुंच चुका है.
लॉन्च कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा,
"पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण 2014 में सिर्फ 1.53% था जो आज बढ़कर आज 20% हो गया है. सरकार ने इस लक्ष्य को निर्धारित समय से 5 साल पहले ही हासिल किया है. इस बदलाव से विदेशी मुद्रा में 1.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक बचाने में मदद मिली है, और करीब 302 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात की भरपाई हुई है. ये पहल भारत के किसानों के योगदान से प्रेरित है, जो देश के 'अन्नदाता' से विकसित होकर 'ऊर्जादाता' भी बने हैं."
फ्लेक्स फ्यूल वाहनों को मिलेगा बढ़ावा
E85 की शुरुआत का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य देश में फ्लेक्स फ्यूल वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना भी है. ऑटोमोबाइल उद्योग धीरे-धीरे ऐसे वाहनों के विकास पर काम कर रहा है जो उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर आसानी से चल सकें. सरकार का मानना है कि E85 जैसे ईंधनों की उपलब्धता बढ़ने से वाहन निर्माता कंपनियां भी फ्लेक्स फ्यूल तकनीक को तेजी से अपनाएंगी.
पीएम मोदी के विजन का हिस्सा
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पर इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और स्वच्छ ऊर्जा मिशन से जोड़ते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आज नया भारत एक नए ऊर्जा युग की ओर बढ़ रहा है. E85 जैसे इथेनॉल-आधारित ईंधन के साथ अब हमारी ऊर्जा का स्रोत हमारे अपने खेत बन रहे हैं. जो किसान कल तक हमारे लिए अन्न उगाता था, आज 'ईंधन' भी उगा रहा है. यह केवल ईंधन का बदलाव नहीं है, बल्कि सोच का बदलाव है."
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