पाकिस्तान की फिर हुई इंटरनेशनल बेइज्जती! हॉकी टीम पहुंच गई इंग्लैंड, लेकिन कप्तान को नहीं मिला वीजा

एफआईएच प्रो लीग के आखिरी चरण से पहले पाकिस्तान हॉकी टीम को बड़ा झटका लगा है. टीम इंग्लैंड पहुंच चुकी है, लेकिन नियमित कप्तान अम्माद शकील बट को वीजा नहीं मिल पाया. ऐसे में वह टूर्नामेंट में टीम का हिस्सा नहीं बन सकेंगे.

Pakistan hockey team captain denied England visa for FIH Pro League
Image Source: Social Media

एफआईएच प्रो लीग के आखिरी चरण से पहले पाकिस्तान हॉकी टीम को बड़ा झटका लगा है. टीम इंग्लैंड पहुंच चुकी है, लेकिन नियमित कप्तान अम्माद शकील बट को वीजा नहीं मिल पाया. ऐसे में वह टूर्नामेंट में टीम का हिस्सा नहीं बन सकेंगे.

रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान टीम के मुख्य कोच मंजूर-उल-हसन के वीजा को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है. टीम के रवाना होने तक उनके वीजा की प्रक्रिया जारी थी. अगर उन्हें समय पर वीजा नहीं मिलता है, तो टीम को बिना मुख्य कोच के ही मैदान में उतरना पड़ सकता है.

23 जून से शुरू होंगे मुकाबले

पाकिस्तान को इंग्लैंड में 23 जून से एफआईएच प्रो लीग के मुकाबले खेलने हैं. इस चरण में टीम इंग्लैंड और भारत के खिलाफ मैच खेलेगी. ऐसे महत्वपूर्ण समय पर कप्तान की गैरमौजूदगी टीम के लिए परेशानी बढ़ा सकती है.

खराब प्रदर्शन से पहले ही दबाव में है पाकिस्तान

पाकिस्तान का इस सीजन में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है. टीम अब तक प्रो लीग में खेले अपने सभी 11 मुकाबले हार चुकी है. जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम और स्पेन जैसी टीमों के खिलाफ उसे लगातार हार का सामना करना पड़ा है. इसी वजह से टीम पर शीर्ष स्तर की प्रतियोगिता से बाहर होने का खतरा भी मंडरा रहा है.

क्यों नहीं मिला कप्तान को वीजा?

बताया जा रहा है कि अम्माद शकील बट को वीजा नहीं मिलने की वजह उनका पुराना रिकॉर्ड है. वह पहले क्लब हॉकी खेलने के लिए इंग्लैंड गए थे और तय समय से ज्यादा दिन वहां रुके थे. इसी कारण उनके वीजा आवेदन को मंजूरी नहीं मिली.

अबू बक्र संभाल सकते हैं कप्तानी

कप्तान अम्माद की गैरमौजूदगी में सीनियर खिलाड़ी अबू बक्र को टीम की कमान सौंपी जा सकती है. वहीं अगर मुख्य कोच मंजूर-उल-हसन भी टीम के साथ नहीं जुड़ पाते हैं, तो पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ताहिर जमां को कोचिंग की जिम्मेदारी दी जा सकती है.

एक तरफ टीम लगातार हार झेल रही है, वहीं दूसरी तरफ वीजा से जुड़ी समस्याओं ने पाकिस्तान हॉकी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. अब देखना होगा कि इंग्लैंड चरण में टीम इन चुनौतियों से कैसे निपटती है.

ये भी पढ़ें- Vaibhav Sooryavanshi: 11 गेंद में 10 चौके-छक्के... वैभव सूर्यवंशी ने तोड़ा सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड