'त्रिशूल' की शक्ति से घबराया पाकिस्तान, पांच दिनों के अंदर जारी किया दूसरा NOTAM; जानें क्या हैं इसके मायने

India Trishul Exercise Pakistan NOTAM: भारत के पश्चिमी सीमांत पर चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘त्रिशूल 2025’ ने पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ा दी है. इसी बीच, इस्लामाबाद ने पांच दिनों के भीतर दूसरा नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी कर दिया है, यह कदम न केवल उसकी रणनीतिक चिंता को दर्शाता है, बल्कि भारत की सैन्य गतिविधियों के प्रति उसकी सतर्कता को भी उजागर करता है.

Pakistan frightened by the power of Trishul issued second NOTAM within five days
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India Trishul Exercise Pakistan NOTAM: भारत के पश्चिमी सीमांत पर चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘त्रिशूल 2025’ ने पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ा दी है. इसी बीच, इस्लामाबाद ने पांच दिनों के भीतर दूसरा नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी कर दिया है, यह कदम न केवल उसकी रणनीतिक चिंता को दर्शाता है, बल्कि भारत की सैन्य गतिविधियों के प्रति उसकी सतर्कता को भी उजागर करता है.

30 अक्टूबर से शुरू होकर 10 नवंबर तक चलने वाला ‘त्रिशूल 2025’ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास बताया जा रहा है. इसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना, तीनों अंगों के करीब 25 हजार सैनिक हिस्सा ले रहे हैं. इस अभ्यास का मकसद पश्चिमी मोर्चे और अरब सागर में एकीकृत युद्ध रणनीति, तीव्र प्रतिक्रिया और समुद्री प्रभुत्व की क्षमता को परखना है.

भारतीय सेनाएं इस दौरान रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन, नेटवर्क-सेंट्रिक वारफेयर और संयुक्त हवाई-समुद्री हमलों की क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं. यानी यह अभ्यास केवल ताकत दिखाने के लिए नहीं, बल्कि भारत की ‘वन नेशन, वन फोर्स’ रणनीति को मजबूत करने के लिए भी है.

पाकिस्तान का NOTAM, डर या तैयारी?

पाकिस्तान ने जो नया NOTAM जारी किया है, वह 1 से 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा. इसमें पाकिस्तान के दक्षिणी और तटीय हवाई क्षेत्र के एक बड़े हिस्से को बंद कर दिया गया है. यह कदम संकेत देता है कि पाकिस्तान या तो अरब सागर में नौसैनिक लाइव-फायरिंग अभ्यास की तैयारी कर रहा है या मिसाइल परीक्षण करने वाला है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम एक “एहतियाती प्रतिक्रिया” भी हो सकता है, यानी भारत के व्यापक सैन्य अभ्यास से उपजे मनोवैज्ञानिक दबाव का परिणाम.

रेड अलर्ट पर पाकिस्तान की सेनाएं

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के रक्षा प्रतिष्ठान ने 30 नवंबर तक रेड अलर्ट घोषित कर दिया है. देश की सभी सेनाओं को हवाई सुरक्षा, नौसैनिक सतर्कता और सीमा पर गतिविधियों की कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं. पाक नौसेना ने उत्तरी अरब सागर में अपने जहाजों और विमानों को फिर से तैनात किया है, जबकि समुद्री तटों पर निगरानी प्रणालियों को और मजबूत किया गया है.

रणनीतिक संदेश या मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया?

विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान का यह कदम केवल सैन्य तत्परता का संकेत नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक संदेश (Strategic Signaling) भी है. भारत की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच पाकिस्तान यह दिखाना चाहता है कि वह “चौकन्ना और जवाब देने में सक्षम” है.

हालांकि, वास्तविकता यह भी है कि भारत का ‘त्रिशूल 2025’ एक नियतकालिक अभ्यास है, जो हर साल निर्धारित अंतराल पर होता है, इसमें पाकिस्तान के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष कार्रवाई नहीं की जा रही. लेकिन क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के लिहाज से इस अभ्यास ने पाकिस्तान के भीतर तनाव और अनिश्चितता जरूर बढ़ा दी है.

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